नई कक्षा में पढऩे का पूरा उत्साह, घर से पढ़ाओ अभियान में विद्यार्थियों में दिखी उमंग

शिक्षा विकास की धुरी है, ऐसे में यह धुरी निरंतर विकासशील रहे इसके लिए नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की शिक्षा निर्बाध रूप से हरियाणा सरकार की ओर से जारी रखी जा रही है। कोविड-19 के तहत चल रहे लॉकडाउन में शिक्षा प्रणाली बाधित न हो और झज्जर जिला के विद्यार्थी अपनी सक्षमता को कायम रखें इसके लिए पूरी रूपेरखा के साथ घर से पढ़ाओ अभियान के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है।

वैश्विक महामारी के फैलाव के इस कठिन समय में शिक्षा विभाग झज्जर अपने अथक प्रयासों से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने को प्रयासरत है। शिक्षा विभाग के अभियान घर से पढ़ाओ को मूर्त रूप देने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए झज्जर जिला के अध्यापकों और मेंटरस को निश्चित दिशा निर्देश विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं बच्चों को ई लर्निंग माध्यम से शिक्षा प्रदान करते हुए समय समय पर वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से फीडबैक भी लिया जा रहा है।

विभिन्न आधुनिक प्लेटफार्म से बच्चों को दी जा रही है शिक्षा

जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता रूहिल का कहना है कि सभी अध्यापकों के लिए ये जरूरी किया गया है कि वे प्रतिदिन के आधार पर कराए गए काम को अपनी डायरी में नोट रखेंगें। साथ ही लॉकडाउन की इस परिस्थिति में विद्यार्थियों के लिए कई प्रकार के प्लेटफार्म पर कार्य करवाने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें मुख्य रूप से व्हात्सप्प के माध्यम से अध्यापक द्वारा अपने विषय और कक्षानुसार पाठ योजना और गृह कार्य भेजना, विद्यार्थियों के भेजे गए गृह कार्य को जांचना और विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी विषय संबंधी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि अध्यापकों द्वारा अपने विषय की विडियो बनाकर भी बच्चों से सांझा की जा रही है। वहीं कुछ अध्यापक एनसीईआरटी और एससीईआरटी द्वारा बनाई गई अध्ययन सामग्री को भी विद्यार्थियों को ई लंर्निग माध्यम से पंहुचा रहे हैं।

सक्षम सैल हरियाणा कक्षावार भेज रही है वीडियो लिंक

झज्जर जिला के विद्यार्थियों को दिशा एप, संपर्क बैठक, ई-पाठशाला, स्वयम पोर्टल के माध्यम से भी अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। सक्षम सैल हरियाणा की तरफ से भी प्रतिदिन कक्षावार वीडियो लिंक और अभ्यास वर्कशीट भेजी जाती है जिनको संबंधित विद्यार्थियों तक आधुनिक सोशल तकनीक से पहुंचाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उत्कर्ष सोसाइटी शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा कक्षा एवं विषयवार कार्यक्रमों का प्रसारण टेलीविजन चैनल्स पर भी निरंतर हो रहा है। विद्यर्थियों को इनके माध्यम से भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने जिम्मेवारी निर्धारित की :

झज्जर जिला की बात की जाए तो बच्चों को घर पर सुरक्षित रहने का संदेश देते हुए उन्हें घर पर ही अध्यापन कार्य प्रभावी रूप से शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। बच्चों को शिक्षा निर्बाध रूप से मिले इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से जिम्मेदारियां भी निर्धारित की हैं। कक्षा अध्यापक अपनी कक्षा, विद्यालय मुखिया अपने विद्यालय, एबीआरसी और बीआरपी अपने क्लस्टर, खंड शिक्षा अधिकारी अपने खंड, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य डाइट पूरे झज्जर जिले में इन गतिविधियों के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार के साथ कार्य कर रहे हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान माछरौली के प्राध्यापक शैक्षणिक और तकनीकी सहायता के लिए अपना दायित्व निभा रहे हैं।

लॉक डाउन के समय राजकीय एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की पढाई, व्यावहारिक और कैरियर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर और खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिला स्तर पर जिला सक्षम नोडल अधिकारी डा.सुदर्शन पुनिया और जिला मनोविज्ञान काउंसलर पूजा नांदल तथा खंड वार – मातनहेल में चेतना जठोल, झज्जर में मंजेश दांगी, बहादुरगढ़ में संदीप, साल्हावास में वीरेंदर सिंह, बेरी में डा.प्रवेश जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त केवल्या फ़ाउंडेशन के सहयोग से जिला के एबीआरसी, बीआरपी और डाइट फ़ैकल्टीज़ के व्यावसायिक विकास के लिए ऑनलाइन सेमिनार का भी आयोजन किया जा रहा है।

केवल ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं अभिभावकों से :

राजकीय विद्यालयों के साथ निजी विद्यालय भी अपने स्तर पर विद्यार्थियों को पढ़ाने का प्रयास निरंतर कर रहे हैं। निजी विद्यालयों के लिए निदेशालय से स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हुई है की वे अपने विद्यार्थियों से केवल मासिक आधार पर ट्यूशन फीस ही लें इसके अतिरिक्त अन्य शुल्क जैसे बिल्डिंग फण्ड, डेवलपमेंट चार्ज, कंप्यूटर फीस या अन्य कोई इस प्रकार का शुल्क न लें। यदि कोई ऐसा करता है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

झज्जर जिला के विद्यार्थियों की पढ़ाई नए शैक्षणिक सत्र में किसी भी रूप से प्रभावित न हो इसके लिए शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों में नई कक्षा के प्रवेश को लेकर पूरा उत्साह है और सरकार द्वारा घर पर पढ़ाओ अभियान के तहत सभी विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान बेहतर तरीके से की जा रही है।

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