हरियाणा : हरियाणा शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा है कि हरियाणा में फिलहाल स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान खोलने का कोई विचार नहीं। जब तक एक्सपर्ट नहीं कहेंगे, तब तक नहीं खोले जाएंगे।
एजुकेशन में सोशल डिस्टेंसनिंग का पालन नहीं हो सकता। जिसके चलते एजुसेट, टीवी, केबल, और ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को पढ़ाई करवाई जा रही है। स्वयंप्रभा के माध्यम से क्लास दी जा रही है, स्वयंप्रभा के 4 चैनल है जिनके जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इन सबके माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा कराया जा रहा है। एजुसेट के माध्यम से 1 महीने का पाठ्यक्रम बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्राइवेट स्कूल ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाई करा रहे हैं।
भविष्य में स्कूलों की छुट्टियों में कटौती करेगा शिक्षा विभाग।
1 साल में 234 पीरियड लगते हैं। अगर 1 जून से क्लासेज शुरू होती है। गर्मी और सर्दी की 15-15 दिन की। छुट्टियां नहीं की जाएगी। महीने के दूसरे शनिवार की भी छुट्टी नहीं होगी। इन छुट्टियों को रद्द करके लाक डाउन के दिनों की भरपाई की जाएगी। अगर क्लासेज जुलाई से शुरू होती है तब एक घंटा एक्स्ट्रा क्लासेस बढ़ाई जाएगी। सिलेबस को कवर करने के लिए शिक्षा विभाग ने पूरा प्लान बनाया हुआ है।
यूजीसी की तरफ से भी गाइडलाइन दी गई है कि 30% सिलेबस में छूट मिले और 50 अंक का पेपर हो। औसत के आधार पर 20 तारीख तक दसवीं का रिजल्ट निकालेंगा शिक्षा बोर्ड, हरियाणा विघालय शिक्षा बोर्ड का दसवीं का रिजल्ट 20 तारीख तक आउट होगा ओसत के आधार पर रिजल्ट निकाला जाएगा।
11वीं में प्रोविजनल दाखिला ले सकते हैं स्टूडेंट, रिजल्ट बाद में आउट हो जाएगा।
हरियाणा विघालय शिक्षा बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट पर अभी कोई विचार नहीं प्लस टू के पेपरों की मार्किंग हो रही है लेकिन रिजल्ट आउट करने को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है। केंद्रीय मंत्री के सामने भी यह मुद्दा रखा है। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के एग्जाम पर अभी नहीं होंगे। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के एग्जाम पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
स्कूल फीस के विवाद पर शिक्षा मंत्री ने किया स्पष्ट
प्राइवेट स्कूल स्कूल के स्टाफ को सैलरी दे रहे हैं। समाज को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। ताकि स्कूलों की भी व्यवस्था ठीक रहे। वहां मौजूद स्टाफ को सैलरी मिल सके सभी को सहयोग करना चाहिए।
मेरा अभिभावकों से निवेदन है अगर आपके पास सक्षम हैं तो आपको फीस देनी चाहिए। फीस माफी का सरकार का कोई निर्णय नहीं है। एक महीने की ट्यूशन फीस स्कूल ले सकते हैं। स्कूलों की बसें नहीं चली तो ट्रांसपोर्ट फीस नहीं ले सकते।
