राजनीति : विधि के विधान और भारत के संविधान पर बिहार वासियों की आस, प्रवासी मजदूरों को लालू यादव की याद सता रही है लालू यादव जेल में ना होते तो. लालू यादव जी संसद में यह अपने वक्तव्य में कोड किया था जो आज दिख रहा है तुम अगर मुझ को न चाहोगें, तो कोई बात नही, तुम किसी ओर को चाहोगे,तो मुश्किल होगी।।…… जनप्रिय लोकप्रिय किसान मजदूर गरीबों पिछड़ों विशेष रुप से प्रवासी मजदूरों के मसीहा मुसीबत के हमसफर लालू यादव जी पीआर मजदूर भाइयों को सता रही है अनेक प्रवासी मजदूरों ने अफसोस के साथ कहा कि अगर लालू जी जेल में ना होते तो सरकार को मजबूर कर देते स्पेशल ट्रेन चलती हम लोग इज्जत के साथ अपने गांव घर चले गए होते किंतु लालू प्रसाद यादव जीके जेल में होने के कारण हम लोगों के साथ सौतेले व्यवहार सरकार कर रही है लालू यादव जैसा संघर्षशील नेता बिहारियों के लिए कोई और हो ही नहीं सकता लालू यादव एकमात्र ऐसे नेता हैं
जिनके मन में बिहारी मजदूरों के लिए दर्द है वे जेल में रहते हुए भी हमारे बिहार के हितों के लिए प्रतिनिधि हैं हम लोगों का दुर्भाग्य है कि बिहार को नीतीश मोदी जैसा नेता मिला यह दोनों इस लायक नहीं है पलटू भाइयों की जुगल जोड़ी ने बिहार के स्वाभिमान को बेच दिया इन्हीं दोनों के कारण प्रवासी बिहारी मजदूर भाइयों को दर-दर की ठोकर खानी पड़ रही है इन्हें शायद बिहार के धार्मिक पौराणिक ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का इतिहास याद दिलाना होगा बिहार के प्रवासी मजदूर के बिना औद्योगिक क्रांति का सपना अधूरा है बिहार का हर व्यक्ति स्वाभिमानी बुद्धिजीवी श्रमजीवी मधुर भाषी उदार है महाराज जनक मां जानकी सीता जी की जन्म भूमि पंचतत्व का पर्याय बिहार है जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर स्वामी, अहिंसा की प्रतिमूर्ति बौद्ध धर्म के गौतम बुद्ध की तपोभूमि बोधगया, तीर्थ सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्म भूमि पटना साहब बिहार, जिन्होंने हिंदू पद बादशाही की रक्षक की उनके परिवार बच्चों की कुर्बानी एक मिसाल है महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण आंदोलन,बिहार बक्सर का युद्ध , भारत के प्रथम राष्ट्रपति महामहिम डॉक्टर बाबू राजेंद्र प्रसाद जी बिहार,महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह,वर्तमान समय में भारतीय प्रशासनिक I.A.S,I.P.S,I.R.S,I.F.S आदि,जहा इंजीनियर डॉक्टर वैज्ञानिक की गिनती नही के बिहार कितना दे चुका है
सर्वाधिक लोग बिहार के खनिज भंडार लेखक संपादकीय साहित्यकार पत्रकार सर्वाधिक बिहार से आते हैं उसके बावजूद बिहार के प्रवासी मजदूरों लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है और सब लोग भीष्म पितामह की तरह से मौन है जिसका फल निकट भविष्य के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। लोग चाहकर भी अपनी जन्मभूमि पर नहीं आ पा रहे हैं इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र- राज्य बिहार सरकार की है जो असमर्थ है, लोग भयभीत और परेशान हैं बिहारी लोग बेरोजगारी ओर कॉम्युनल वायरस से परेशान हैं बीमारी को तो मात दे देंगे, प्रत्येक बिहारी को लोग प्रलोभन भय दिखाकर मुंह बंद रखने के लिए मजबूर कर रहे है प्रवासी बिहारी मजदूरों स्वाभिमान की रक्षा लालू यादव जेल में बैठकर कर रहे हैं और मरते दम तक करते रहेंगे समय आने पर बिहार के लोग बता देंगे कि उनकी शक्ति क्या है हम लोग गरीब मजदूर भले ही हैं पर अपने सम्मान के लिए लड़ना मरना जानते हैं समय आने पर अपनी शक्ति दिखा देंगे अपने अपमान का बदला बिहार लेना जानता है बिहार के लोग विधि के विधान भारत के संविधान में विश्वास और भरोसा करते हैं आज अगर लालू यादव होते I
महंत कैलाश नाथ “हठयोगी”
