
Italy worst employee: टीचर और स्टूडेंट का रिश्ता अपने आप में अनोखा होता है. अच्छा टीचर बच्चों की कमजोरी दूर करके उन्हें कामयाब बनाता है. टीचर और स्टूडेंट के बीच बॉन्डिंग की कभी कभार ऐसी शानदार मिसाल देखने को मिलती हैं कि लोग बस हैरान रह जाते हैं. जैसे किसी सरकारी स्कूल के टीचर के ट्रांसफर की खबर आती है तो कुछ स्कूलों में न सिर्फ बच्चे बल्कि पूरा गांव उस टीचर को विदाई देने जाता है. हिंदुस्तान में तो कुछ टीचर ऐसी भी हुई हैं जिन्होंने अपने पूरे करियर यानी रिटायरमेंट के दिन तक कभी कोई छुट्टी नहीं ली. इन बातों से इतर इटली (Italy) की एक टीचर 24 साल की नौकरी में 20 साल कॉलेज ही नहीं गई थीं.
छात्रों के भविष्य को किया बर्बाद
‘इटली की सबसे खराब कर्मचारी’
कुछ दिन पहले भी वो बीमारी के नाम पर छुट्टी पर थीं लेकिन एक बीच पर घूमती और मस्ती करती पाई गई थी. जब पकड़ी गईं तो नौकरी चली गई. हालांकि बीस साल तक छुट्टी पर रहना और इस दौरान पूरी सैलरी लेते रहना लोगों को हजम नहीं हो रहा है. इस टीचर पर आरोप है कि उसकी वजह से देश के कई बच्चों के फ्यूचर पर बुरा असर पड़ा. ये टीचर 24 साल तक छात्रों का जीवन बर्बाद करती रही. अब इस टीचर को ‘इटली का सबसे खराब कर्मचारी’ (worst employee in Italy) बताया गया है.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
उनके व्यवहार को लेकर स्टूडेंट्स ने भी उनकी शिकायत की थी. आखिरकार उन्हें 22 जून को उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. मैडम भी जिद्दी थीं इसलिए अपनी काबिलियत और तीन-तीन डिग्रियां होने का हवाला देते हुए कोर्ट पहुंच गईं. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया वो इस जॉब के लिए अनफिट थीं. मैनेजमेंट ने कोर्ट में बताया कि वो 20 साल तक छुट्टियों पर रहीं और अक्सर बिना किसी को सूचना दिए तब उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकालने का आदेश दिया गया.
NEWS SOURCE : zeenews
