
हरियाणा सरकार ने अंत्योदय (गरीब) परिवारों के लिए बिल माफी योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत वे सभी अंत्योदय परिवार पात्र होंगे, जिनकी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) डाटा के अनुसार सत्यापित आय प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक है। भले ही उनका बिजली का कनेक्शन चालू है या कटा हुआ है तथा पिछले 12 महीने की बिजली की औसत मासिक खपत 150 यूनिट तक है अथवा इतनी खपत थी। दो या दो से अधिक बिलिंग चक्र का बिजली का बिल नहीं भरने वाले गरीब उपभोक्ता भी इस लाभ के पात्र होंगे।
गरीब परिवारों का राहत देना सरकार का लक्ष्य- सीएम मनोहर
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) ने अंत्योदय परिवारों के बिजली के बिल माफ करने की योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए कहा है कि गरीब परिवारों को अधिक से अधिक राहत देना सरकार का लक्ष्य है। इस योजना के तहत प्रार्थी को केवल पिछले 12 महीने की मूल राशि का ही भुगतान करना पड़ेगा, जो कि अधिकतम 3600 रुपये होगी।
छह किस्तों में जमा करा सकते हैं राशि
प्रार्थी यह राशि एकमुश्त या ब्याज रहित छह किस्तों में जमा करवा सकता है। कटे हुए कनेक्शनों की स्थिति में अगर कनेक्शन 6 महीने के अंदर-अंदर कटा है तो यह कनेक्शन पूरी राशि के भुगतान या पहली किस्त के भुगतान पर जोड़ दिया जाएगा। अगर कनेक्शन को कटे हुए 6 महीने से ज्यादा हो गए हों तो यह नया कनेक्शन माना जाएगा और इस कनेक्शन को केवल अग्रिम खपत राशि जमा करवाने पर दोबारा जोड़ दिया जाएगा।
बिजली विभाग द्वारा वापस नहीं लिए जाने तक वैध रहेगी योजना
विवादित बिलों की अवस्था में पात्र अंत्योदय परिवारों को विवादित राशि का 25 प्रतिशत या 3600 रुपये में से जो भी कम होगा, उसका भुगतान करना होगा। इसके अलावा, बिजली चोरी के मामले जो कि इस योजना से पहले के हैं, वे भी इस योजना का विकल्प चुन सकते हैं। बशर्ते कि वे 100 प्रतिशत कंपाउंडिंग राशि एकमुश्त और जुर्माना राशि का 50 प्रतिशत या 3600 रुपये में से जो भी कम होगा, उसका भुगतान कर दें। यह योजना तब तक वैध रहेगी जब तक बिजली विभाग द्वारा वापस नहीं ली जाती।
NEWS SOURCE : jagran
