
नूंह: नूंह में 31 जुलाई को भड़की हिंसा के एक महीने बीत चुके हैं। पुलिस 61 मुकदमा दर्ज कर करीब 306 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन पुलिस हिंसा के दौरान अफवाह फैलाने वालों से दूर है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के दर्ज 11 मुकदमे में केवल एक आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की धड़पकड़ के लिए आठ टीमें लगातार दबिश दे रही है। गौरतलब है कि नूंह में 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकाली जा रही थी। इसमें शामिल होने के लिए नूंह समेत आसपास के जिलों से काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान उपद्रवियों ने बृज मंडल यात्रा पर पथराव कर दिए। देखते ही देखते पूरे जिले में माहौल तनावपूर्ण हो गया। करीब छह घंटे में उपद्रवियों ने 100 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की और कइयों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने साइबर थाना को निशाना बनाकर काफी नुकसान पहुंचाया। हिंसा में दो होमगार्ड समेत छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 88 लोग घायल हो गए। इसके बाद अन्य जिलों से पुलिस मंगाई गई। साथ ही अर्ध सैनिक बलों के अलावा रैपिडेक्शन फोर्स तैनात किए गए। हालांकि उपद्रव के बाद से माहौल शांत है। पुलिस हिंसा में शामिल उपद्रवियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
हिंसा से पहले उड़ाई गई अफवाह
सूत्रों की मानें तो हिंसा से पहले सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर जारी रहा। लोग सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान का वीडियो पोस्ट कर रहे थे। जानकार मानतें हैं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से नूंह में तनाव बढ़ा और बृज मंडल यात्रा के दौरान पथराव व आगजनी हुई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की तलाश जारी है।
राजस्थान से फैलाई गई अफवाह
नूंह हिंसा को जुनैद-नासिर हत्या कांड से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इस बाबत लोगों में रोष था। लिहाजा सूत्रों के अनुसार माना जा रहा है कि नासिर-जुनैद हत्या कांड से नाराज ज्यादातर लोग हिंसा में शामिल हुए। इस बाबत राजस्थान के भरतपुर और अलवर से भी सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाई गई और भड़काऊ बयान के वीडियेा जारी किए गए। हिंसा भड़कने इसे भी कारण माना जा रहा है।
पाकिस्तान से जारी किया वीडियो
नूंह हिंसा के लिंक को पाकिस्तान से भी जोड़ा जा रहा है। सूत्रों की माने तो पाकिस्तान में बैठे यू-ट्यूबर सोशल मीडिया पर हिंसा से जुड़ी वीडियो-फोटो पोस्ट कर रहे थे। वह कई भड़काऊ बयान भी सोशल मीडिया पर भेज रहे थे। इसे भी हिंसा भड़काने का कारण माना जा रहा है। पुलिस पाकिस्तान कनेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों की तलाश कर रही है।
NEWS SOURCE : livehindustan
