Close Menu
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Home » फरीदाबाद: नगर निगम का सभागार पांच वर्ष बाद भी नहीं बन पाया

फरीदाबाद: नगर निगम का सभागार पांच वर्ष बाद भी नहीं बन पाया

faridabadnews24By faridabadnews24September 19, 2023No Comments4 Mins Read
IMAGES SOURCE : GOOGLE

फरीदाबाद: वर्ष 2018 में जर्जर घोषित हो चुके नगर निगम के सभागार को नया बनाने की योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल सकी है। राज्य सरकार की उदासीनता और नगर निगम की लापरवाही के कारण पांच साल बाद भी भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इस जर्जर भवन में नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा के कई दफ्तर चल रहे हैं, जहां कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। जबकि लोक निर्माण विभाग कई बार चेतावनी दे चुका है कि इस भवन को तुरंत खाली करके इसे ध्वस्त करना चाहिए ताकि किसी हादसे की आशंका को खत्म किया जा सके। कंडम भवन घोषित किए गए इस भवन में नगर निगम में फिलहाल कई कार्यालय चल रहे हैं। साथ ही नगर निगम के कुछ कर्मचारी भी यहां अवैध रूप से रहते हैं। ऐसे में यहां काम करने वाले कर्मचारियों को हादसे की आशंका बनी रहती है। करीब 40 साल पुराने नगर निगम सभागार को वर्ष 2018 मे कंडम घोषित कर दिया गया था और वर्ष 2019 में इसे अधिकांशत: खाली करवा दिया गया और इसमें आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई। नगर निगम ने इस भवन को सात मंजिला वाणिज्यिक भवन बनाने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन मुख्यालय ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया। परिणामत: आम लोगों को कार्यक्रम करने के लिए महंगे होटलों का रूख करना पड़ता है।

सदन की करीब 130 बैठकों को गवाह रहा

दो अप्रैल 1983 को इस सभागार के निर्माण के लिए इसका शिलान्यास किया गया था। उस समय नगर निगम प्रशासन नहीं बल्कि फरीदाबाद मिश्रित प्रशासन (एफसीए) शहर की मूलभूत सेवाओं को संभालता था। उस समय इस पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आई थी। इसे तीन मंजिल तैयार किया गया। इसमें करीब 750 सीटों वाला दो मंजिला ऑडोटोरियम है और दूसरी मंजिल पर एक सभागार है, जहां नगर निगम सदन की बैठक होती थी। रखरखाव के अभाव में बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। कई बार इसमें हादसे होते-होते बचे हैं। इसके बाद वर्ष 2018 में पीडब्ल्यूडी विभाग ने जांच के बाद इस बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया। यह सभागार वर्ष 1995 से वर्ष 2019 तक नगर निगम सदन की करीब 130 बैठकों का गवाह बना। इन बैठकों में शहर के विकास की योजनाएं बनी। इसी सभागार में अब तक के आठ महापौर, छह वरिष्ठ उपमहापौर और छह उपमहापौर के चुनाव का केंद्र भी बना। नगर निगम के अब तक पांचों सदनों की बैठकें इसमें हुई हैं।

बाहर और अंदर का प्लास्टर गिरा

ऑडोटोरियम के बाहर और अंदर का प्लास्टर जगह-जगह से गिर गया है। दूसरी मंजिल पर बने सभागार के साथ छत का एक हिस्सा गिर चुका है। नीचे बने शौचालय उखड़ चुके हैं। ऑडोटोरियम की सीटे टूट गई हैं। फर्श और छत जगह-जगह से उखड़ गई है। हालांकि बाहर से देखने में ऑडोटोरियम भले ही ठीक दिखाई देता हो, लेकिन अंदर से और बाहर से पीछे के हिस्से बिल्डिंग जर्जर हो गई है। इस कंडम घोषित किए जा चुके भवन में स्वच्छ भारत मिशन चार कार्यालय चल रहे हैं। जहां एक कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्क अभियंता बैठते हैं और पूरे दिन विभिन्न वार्डों से कर्मचारी यहां पहुंचते हैं। कर्मचारी कई बार हादसे की आशंका व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन कार्यालय बदस्तूर जारी हैं।

अवैध रूप से रहते हैं कर्मचारी

जर्जर हो चुके सभागार पर नगर निगम के कुछ कर्मचारियों का कब्जा है, जो यहां अवैध रूप से दिनरात रहते हैं। इसी सभागार में रात में अवैध रूप से पार्टी होती हैं। कई बार नगर निगम के कुछ कर्मचारी यहां पार्टी करते हुए पकड़े गए हैं। कुछ पर कार्रवाई भी की गई हैं, लेकिन एक-दो दिन बाद भी मिलीभगत से सबकुछ पहले जैसा सामान्य हो जाता है। कुछ लोग यहां रात में भी रहते हैं।

बल्लभगढ़ में भी आठ साल से अधूरा पड़ा सभागार

बल्लभगढ़ में नगर निगम निर्माणाधाीन सभागार बीते आठ साल से अधूरा पड़ा है और अब यह निर्माण पूरा होने के इंतजार में खंडर होने को है। बल्लभगढ़ में लोगों के सामाजिक, धार्मिक, व्यावसायिक व राजनीतक कार्यक्रमों के लिए कोई सरकारी स्थान नहीं है। इस सभागार के निर्माण की आधारशिला 22 फरवरी 2009 को रखी गई थी। इसके बाद नगर निगम ने सभागार बनाने की योजना को लंबित योजनाओं में डाल दिया। फिर 2014 में इसका भूमिपूजन किया गया और मई 2015 में इस भवन का काम फिर शुरू हुआ। लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। पुराना सभागार तो जर्जर घोषित किया जा चुका है। फिलहाल इसके बारे में कोई योजना नहीं है। इसमें चल रहे दफ्तरों को हटा लिया गया है। कुछ लोग फिर भी वहां बैठते हैं, वे भी वहां से हट जाएंगे।

-ओमवीर, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम:

NEWS SOURCE : livehindustan

Faridabad: el auditorio de la Corporación Municipal no se pudo construir ni siquiera después de cinco años faridabadnews faridabadnews24
Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube
Share. Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram Copy Link
faridabadnews24

Related Posts

लेबलब्लाइंड और टीपीसीआई ने ईयू लेबलिंग वेबिनार सफलतापूर्वक संपन्न किया, 300+ भारतीय फूड एक्सपोर्टर्स ने किया पंजीकरण..

April 15, 2026

महंगाई का नया झटका: जानें कितना महंगा हुआ, 1 अप्रैल से 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर के दाम में भी भारी उछाल

April 1, 2026

कोई भी नहीं जानता होगा जवाब, गैस सिलेंडर के नीचे क्यों होते हैं ऐसे छोटे छेद?

March 11, 2026

Comments are closed.

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • देश-विदेश
  • फरीदाबाद
  • हरियाणा
  • कारोबार
  • क्राईम
  • मनोरंजन

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSe.
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.