
यूपी की योगी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस अब कड़ी कार्रवाई करने जा रही है। एक जनवरी, 2020 से 15 अगस्त 2023 के बीच जिन लोगों के खिलाफ जमीन कब्जा करने के दो या अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन पर गैंगस्टर व गुण्डा एक्ट की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए 700 से अधिक पुरानी फाइलें खंगाली गई। इसमें 406 मुकदमों में चार्जशीट कोर्ट में दी जा चुकी है जबकि 78 एफआईआर में अभी विवेचना चल रही है। चार्जशीट वाले मामलों में किसी पर गुण्डा एक्ट तक की कार्रवाई नहीं हुई।
जेसीपी कानून व्यवस्था उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने इस ब्योरे के साथ सभी पांचों जोन के डीसीपी को निर्देश दिया है कि जिनके खिलाफ दो से ज्यादा जमीन कब्जे के मुकदमे है, उनके खिलाफ ज्यादा से ज्यादा गुण्डा एक्ट की कार्रवाई की जाये। अगर किसी ने जमीन पर कब्जा करने के लिये बवाल किया या उसकी वजह से कानून व्यवस्था बिगड़ी हो तो उस पर गैंगस्टर लगाने की संस्तुति की जाये। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को भू-माफिया घोषित कर सख्त कार्रवाई हो।
जमीन कब्जे में बड़ी घटनाएं भी हुई
जेसीपी कानून व्यवस्था उपेन्द्र कुमार अग्रवाल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर कब्जा करने वाले कई लोगों पर मामूली कार्रवाई की गई। ये लोग जमानत पर बाहर आकर लोगों को धमका रहे हैं। कई ऐसे प्रार्थनापत्र भी आये जिसमें सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की शिकायत आयी। साथ कुछ स्थानों पर कार्रवाई की गई लेकिन जमानत लेकर आरोपितों ने फिर जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। कुछ मामलों तो बड़ी वारदाते हुई। इसके तहत ही जेसीपी ने सभी थानों से जमीन पर कब्जे के मामलों का ब्योरा तैयार कराया। इसमें ही कई मामले सामने आये।
पूर्वी जोन में सबसे ज्यादा चार्जशीट लगी
साढ़े तीन सालों में सबसे ज्यादा चार्जशीट पूर्वी जोन की पुलिस ने लगायी। यहां 106 मामलों में चार्जशीट लगी जबकि 20 मुकदमें अभी विचाराधीन है। इसी तरह पश्चिमी जोन में 69 मामलों में चार्जशीट लगी और 14 मुकदमे अभी विचाराधीन है। उत्तरी जोन में 100 चार्जशीट, 11 विचाराधीन, दक्षिणी में 92 मामलों में आरोप पत्र, 28 मुकदमे विचाराधीन और मध्य जोन में पुलिस ने 41 मामलों में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जबकि पांच मुकदमों की अभी विवेचना चल रही है।
जिला बदर होंगे आरोपी
जेसीपी ने सभी डीसीपी को पत्र लिखा है कि इन मामलों में अधिक से अधिक गुण्डा एक्ट के तहत कार्यवाही करायी जाये। पांच सितम्बर को लिखा यह पत्र सभी डीसीपी को मिल गया है। इसके तहत कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। तैयार की जा रही सूची में बीकेटी के दो,इंदिरा नगर के तीन, महानगर के एक, कैसरबाग के एक, बंथरा के चार, गोमतीनगर विस्तार के एक और कृष्णानगर के दो लोग शामिल है।
NEWS SOURCE : livehindustan
