स्कूल संचालकों ने दाखिला फार्म बेचकर व बैंक की ब्याज के रूप में ही कमाए लाखों रुपए
तब स्कूल प्रबंधकों द्वारा बिना पढ़ाई फीस लेना वह भी 6 महीने पहले पूरी तरह से गैर कानूनी है। शिक्षा नियमावली में भी नियम है कि स्कूल प्रबंधक दाखिला देकर एडवांस में फीस नहीं ले सकते हैं । मंच ने कई बार इसकी शिकायत चेयरमैन एफएफआरसी फरीदाबाद से की है लेकिन दोषी स्कूलों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
कैलाश शर्मा ने बताया कि मंच ने आरटीआई के द्वारा कई स्कूलों के फार्म 6 व बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त की है जिसमें काफी घपला नजर आया है जिन कई फंडों में अभिभावकों से फीस ली गई है उनको फार्म 6 में दिखाया ही नहीं गया है। चेयरमैन एफएफआरसी द्वारा कराई गई ऑडिट रिपोर्ट में भी ऑडिटर ने कई कमियों को दर्शाया है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार स्कूल वालों के पास काफी मात्रा में सरप्लस व रिजर्व फंड है। मंच का लीगल सेल इन सब बातों का अध्ययन कर रहा है सारी जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी।