
फरीदाबाद : जिले में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी (201 से 300) में पहुंच गया। इसी के साथ ग्रैप का पहला चरण लागू हो गया। जिले में ढाबों, रेस्तरां और होटलों में लकड़ी के कोयले जलाने पर तुंरत प्रभाव से रोक लग गई। कूड़ा फेंकने और उसे जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। निर्माण कार्यस्थलों पर एंटी स्मॉग गन जैसे उपाय अनिवार्य कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नगर निगम को प्रथम चरण के प्रतिबंधों और नियमों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शुक्रवार को जारी एक्यूआई की सूची में देश के 225 शहरों में से फरीदाबाद समेत 15 शहरों में एक्यूआई खराब श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम में सबसे अधिक 253 और फरीदाबाद में 205 एक्यूआई दर्ज किया गया। इनके अलावा ग्रेटर नोएडा में 252, गाजियाबाद में 214, दिल्ली में 212, नोएडा में 210 एक्यूआई बना रहा। बीते कई दिनों से फरीदबााद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 के करीब बना हुआ था।
जिले में चार में से तीन केंद्रों के आंकड़े रिकार्ड हुए। इस दौरान सेक्टर-11 स्थित केंद्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक 291 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सेक्टर 30 का एक्यूआई 141, सेक्टर 16 का एक्यूआई 174 रिकार्ड किया गया। अब शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक जैसे-जैसे खराब श्रेणी में होगा तो पाबंदियों को सख्ती लागू किया जाएगा।
NEWS SOURCE : livehindustan
