
अंबाला : शहर डिफेंस कॉलोनी में चल रही नकली दवाओं की फैक्ट्री में जो 1.12 लाख से ज्यादा गोलियां बरामद हुई हैं और जो करीब एक हजार इंजेक्शन मिले हैं उनका प्रयोग युवा वर्ग के लिए ही किया जाता है। हालांकि इनमें से कुछ इंजेक्शन और गोलियां चिकित्सक भी अलग-अलग मरीजों के उपचार के लिए करते हैं लेकिन जिम संचालक ही इनका ज्यादातर प्रयोग करते हैं।आरोपित अवनीत भाटिया जोकि इस अवैध फैक्ट्री को चला रहा था वह खुद भी जिम कर चुका है और जिम संचालक भी रहा है। उसने मिस्टर इंडिया का खिताब भी अपने शारीरिक सौष्ठव के बल पर जीता था। ऐसे में आरोपित के लिंक बहुत से जिम संचालकों से थे।
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इसी का फायदा उठाकर उसने विभिन्न प्रकार के स्टेरायड खुद ही फैक्ट्री में ही तैयार करने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक साल से डिफेंस कालोनी में नकली दवाओं की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यहां से विदेश के अलावा कई राज्यों में यह नकली माल सप्लाई होता था। आरोपित को पुलिस ने रविवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान ही यह खुलासा हो सकेगा कि आरोपित कब से यह धंधा चला रहा था और कहां-कहां माल सप्लाई करता था।
10 घंटे में हुई दवाओं की गिनतीबता दें कि फैक्ट्री में इतनी भारी मात्रा में नकली दवाएं और इंजेक्शन थे कि उसे गिनने तक में स्वास्थ्य विभाग की टीम के पसीने छूट गए। करीब 10 घंटे चली कार्रवाई के बाद दवाओं की मात्रा और उनके प्रकार का पता चल सका। बरामद किए गए नकली दवाओं के जखीरे की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा की आंकी जा रही है। आरोपित खुद ही फैक्ट्री में दवाओं के लेबल से लेकर ड्राई तक यहीं पर तैयार करते थे।
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बूचड़ खाने में ले जाए जाने वाले पशुओं को दिए जाते हैं स्टेरॉयड
फैक्ट्री में कुछ ऐसे स्टेरायड भी बरामद किए गए हैं जिनका प्रयोग आमतौर पर मानव के लिए नहीं किया जाता। इन स्टेरायड का प्रयोग पशुओं के मसल्स को बढ़ाने के लिए किया जाता है ताकि उनका वजन बढ़ जाए। आमतौर पर ऐसे पशु जिन्हें बूचड़ खाने में लेकर जाना होता है उनको ही यह स्टेरायड दिए जाते हैं लेकिन आजकल जिम संचालक युवाओं को शरीर के उभार और कट इत्यादि दिखाने के लिए इन स्टेरायड का प्रयोग करने लगे हैं। ब्रांडेड कंपनी के स्टेरायड महंगे होने के कारण नकली स्टेरायड बनाने वाले अवैध धंधा कर युवाओं की जान से खिलवाड़ करते हैं।
NEWS SOURCE : jagran
