
Pregnant Women and Lunar Eclipse 2023: हर साल आश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाते हैं. इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करते हैं. खीर का भोग लगाते हैं. शरद पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष होता है. हालांकि इस बार तो शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण पड़ने से चांद की रोशनी में खीर रखने का मामला खटाई में पड़ गया है. यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा, जिससे इसका सूतक काल भी मान्य होगा. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ माना गया है. ग्रहण काल में शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है. ऐसे में कल 28 अक्टूबर 2023 को चंद्र ग्रहण के सूतक काल से ही कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है.
चंद्र ग्रहण के दौरान ना करें ये काम
– गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दौरान बाहर ना निकलें. कोशिश करें कि उन पर ग्रहण के दौरान चंद्रमा की किरणें उन पर ना पड़ें. साथ ही ग्रहण शुरू होते ही अपने पास एक श्रीफल (नारियत) रखें और जब ग्रहण समाप्त हो जाए, तो उसे बहती जलधारा में प्रवाहित कर दें. चूंकि, देर रात तक चंद्र ग्रहण है. अतः नारियल को सुबह भी बहा सकते हैं.
– साथ ही ग्रहण के दौरान किसी भी नुकीली वस्तु जैसे सुई, चाकू, कैंची आदि का इस्तेमाल ना करें.
– चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं धातु से बनी चीजें ना पहनें जैसे- चूड़ी, कंगन, ज्वैलरी. ना ही इस दौरान सेफ्टी पिन या बालों में लगाने वाली पिन लगाएं.
– चंद्र ग्रहण के दौरान माहौल में नकारात्मकता बढ़ जाती है, ऐसे में मन में बुरे ख्याल आते हैं. इस स्थिति से बचने के लिए ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु और शिव जी बीज मंत्र का जाप करें. गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी श्रेष्ठ होता है.
– चंद्र ग्रहण के दौरान भूलकर भी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्पर्श न करें. बेहतर होगा कि घर के मंदिर के पट बंद कर दें.
– चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने-पीने से बचें. बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मरीज और बच्चे खा-पी सकते हैं. लेकिन ग्रहण के सूतक काल से पहले ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें.
– चंद्र ग्रहण की रात श्मशान, जंगल या किसी भी सुनसान और नकारात्मक जगहों पर न जाएं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.faridabadnews24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NEWS SOURCE : zeenews
