
रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में करोड़ों रुपयों की डकैती के कई दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को अभी तक पकड़ नहीं पाई है। हालांकि, देहरादून पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डकैती के मुख्य आरोपी प्रिंस ने अपने ममेरे भाई सड्डू को सगे भाई की जमानत का इंतजाम कराने देहरादून भेजा था। उसे वकीलों से संपर्क करना था, लेकिन देहरादून पुलिस के अभियान के कारण वह देहरादून नहीं आ पाया। उसने सेलाकुई में डकैतों के मकान मालिक के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस उसके सहारे और भी कई जानकारियां जुटा रही है। सोमवार को सड्डू को गिरफ्तार किया गया था।
उसके पास से तमंचा भी मिला था। अब उसने पूछताछ में बताया कि पुलिस ने जिस विशाल को बीते दिनों मददगार के रूप में गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि विशाल डकैती के मुख्य आरोपियों में से एक प्रिंस का सगा छोटा भाई है। देहरादून पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस की कई टीमें डकैतों को पकड़ने के लिए काम कर रहीं हैं।
मुख्य आरोपी आखिर कब गिरफ्त में आएंगे?
राज्य स्थापना दिवस पर दिनदहाड़े पड़ी डकैती के खुलासे में पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। नौ नवंबर को राष्ट्रपति के दून आगमन के दौरान रिलायंस के शोरूम में करोड़ों की डकैती पड़ी थी।
इस वारदात के कुछ घंटे बाद ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी दून पहुंचे थे। उनको जब इसका पता चला तो उन्होंने चिंता जताई। शाह के रवाना होते ही सीएम ने पुलिस अफसरों से नाराजगी जताई। इसके बावजूद पांच डकैतों में एक भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
स्थानीय कारोबारी का शोरूम होता तो चुनौती और बढ़ जाती
डकैती रिलायंस के ज्वेलरी शोरूम में हुई। स्थानीय मैनेजरों से केस दर्ज कराया। वहां से पुलिस पर खुलासे का दबाव नहीं बन पा रहा है। ऐसी वारदात अगर स्थानीय ज्वैलरी दुकान में होती तो दून पुलिस के लिए चुनौतियां कहीं अधिक होती। इसके खुलासे के दबाव के साथ ही पुलिस को व्यापारियों का आक्रोश भी झेलना पड़ जाता। लेकिन, इस मामले में ऐसी स्थिति नहीं है।
NEWS SOURCE : livehindustan
