
नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ दिल्ली के अलग-अलग 100 इलाके में छापेमारी की। इनमें से 31 टीमों ने दिल्ली के स्कूलों के आसपास पान/बीड़ी/सिगरेट की बिक्री करने वाले 70 दुकानदारों के चालान काटे। आने वाले दिनों में इन दुकानों, खोखों को सील भी किया जा सकता है। दुकानों को सील करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है।
इस छापेमारी से ऐसे दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। क्राइम ब्रांच विशेष आयुक्त रवींद्र सिंह यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए भारत सरकार नशे के खिलाफ ‘जीरो टालरेंस’ की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार नशीली दवाओं के खतरे को जड़ से खत्म करने के अपने संकल्प को व्यक्त किया है। साथ ही नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के अपने दृढ़ संकल्प पर लगातार जोर दिया है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा इस ओर लगातार काम किया जा रहा है। ऑपरेशन कवच 4.0 के तहत सबसे पहले शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की तस्करी और वितरण में शामिल लोगों की पहचान की गई। इसके बाद 100 जगह पर छापेमारी की गई। इनमें से 31 टीमों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर सरकारी स्कूलों के पास सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने वाले 70 दुकानदारों के चालान काटे। ऐसे लोगों की दुकानों को सील करने के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। साथ अब दुकान पर सिगरेट, तंबाकू, गुटखा न बेचने के लिए चेतावनी दी है।
दुकानें सील होने पर पड़ेगा असर
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के चालान मात्र 200 रुपये का काटा जाता है। जिसे ऐसे दुकानदार भर देते हैं। यदि इनकी गिरफ्तारी भी की जाती है तो थाने से ही उनको जमानत मिल जाती है। तंबाकू विक्रेताओं पर असर तब पड़ेगा जब उनकी दुकानों को सील कर दिया जाएगा। उन्हें रोजी रोटी खत्म होने का डर बन जाएगा और वे स्कूल के पास गुटखा, तंबाकू और सिगरेट नहीं बेचेंगे।
देश में पहली बार इस तरह की कार्रवाई की गई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि देश में पहली बार इस तरह का आपरेशन चलाकर दिल्ली में 70 विक्रेताओं के चालान काटे गए। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गुप्त तरीके से कार्रवाई की गई। इस तरह के प्रयास से बच्चों को नशे से दूर रखा जा सकता है। क्योंकि बच्चे वहीं से नशे की शुरुआत करते हैं, जहां उन्हें आसानी से नशा उपलब्ध हो सकता है।
इन स्कूलों के पास बिकते पाए गए तंबाकू उत्पाद
क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के पास तंबाकू उत्पाद बेच रहे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की। यह कार्रवाई कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, शकरपुर, विनोद नगर, शिवपुरी, यमुना विहार, ब्रह्मपुरी, बुराड़ी, शालामार गांव, शकूरपुर, त्रिनगर, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, सावदा, रिठाला, रोहिणी, विकासपुरी, उत्तम नगर, जनकपुरी, द्वारका, मालवीय नगर, हरी नगर आदि इलाकों में हुई।
- 70 दुकानदारों के काटे चालान, अब इन दुकानों को सील करने का हो रहा प्रयास
- स्कूलों के पास बिकते पाए गए तंबाकू से बने उत्पाद सिगरेट, गुटखा और बीड़ी
- 31 टीमों ने राजधानी में एक साथ की कार्रवाई, चेतावनी भी दी
बच्चों को स्कूलों से ही संरक्षित करने की है आवश्यकता
पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूल परिसर के आसपास तंबाकू उत्पाद यानी पान/सिगरेट/बीड़ी/गुटका बेचने वाले पनवाड़ी/खोखा विक्रेता स्कूल जाने वाले बच्चों को बीड़ी/गुटका आदि के सेवन के लिए आकर्षित करते हैं। इसी से नशे की तल की शुरुआत होती है। छोटे बच्चे और कॉलेज जाने वाले छात्र शुरू में सिगरेट/बीड़ी/गुटका आदि का सेवन करते हैं और बाद में घातक नशीले पदार्थों के साथ-साथ सिंथेटिक दवाओं के जाल में फंस जाते हैं।ऐसे में स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बिक्री करने वालों के खिलाफ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत कार्रवाई की जाती है। जरूरत है कि बच्चों और युवाओं को स्कूलों में शुरू से ही प्रथम स्तर पर जागरूक किया जाए।
NEWS SOURCE : jagran
