
Parliament Security Breach: संसद में सेंधमारी की तफ्तीश जारी है. रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं. संसद कांड की जांच में जो कुछ भी निकलकर आ रहा है, वो बेहद घातक दिख रहा हैं. इस कांड में अब तक आरोपियों के 5 खतरनाक प्लान सामने आए हैं. इनकी बिनाह पर जांच एजेंसी ऐसे सूत्र तलाश रही हैं, जिनके तार दूसरे देशों में छिपकर बैठकर भारत विरोधी एजेंडा चलानेवालों या फिर दहशतगर्दों से भी जुड़े हो सकते हैं. संसद में सेंध लगानेवालों ने साजिश भी कुछ इस तरह रची थी. अगर वो पूरे तौर से जमीन पर उतर जाती तो देश के सिक्योरिटी सिस्टम के लिए विस्फोटक साबित हो सकती थी. इस बीच संसद में घुसपैठ पर पीएम नरेंद्र मोदी का भी बयान आया है. पीएम मोदी ने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए गहराई से जांच की बात कही है.
संसद में सेंध के आरोपियों के क्या थे वो 5 ‘खतरनाक प्लान’?
इस वक्त संसद कांड के सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है. इनकी जुबानी अब तक जो पता चला है, उसके मुताबिक संसद की सुरक्षा में सेंधमारी की साजिश के 5 हिस्से थे. तीन को अमलीजामा पहनाने में इन आरोपियों को कामयाबी मिल गई, लेकिन साजिश के दो हिस्सों को लेकर ये आरोपी या तो चूक गए या फिर उस पर अमल करने से डर गए. तो चलिए आपको बताते हैं कि संसद में सेंध लगाने वाले आरोपियों के वो 5 खतरनाक प्लान क्या थे.
प्लान नंबर- 1
आरोपियों की साजिश में संसद के सिक्योरिटी सिस्टम को चकमा देना पहले नंबर पर था. इसमें इन्हें कामयाबी भी मिली. दो आरोपी मनोरंजन और सागर शर्मा जूते में स्मोक कैन को छुपाकर संसद के भीतर तक पहुंच गए.
प्लान नंबर- 2
संसद के अंदर सेंधमारी कर स्मोक क्रैकर का इस्तेमाल करना इनकी साजिश का सबसे अहम हिस्सा था. इसमें दोनों आरोपी कामयाब भी रहे. दोनों ने दर्शक दीर्घा से कूदकर न सिर्फ सदन की कार्यवाही को बाधित किया, बल्कि वहां रंगीन धुआं भी छोड़ा. इसके बाद कुछ पल तक सदन के अंदर बेचैनी और घबराहट की स्थिति बनी रही.
प्लान नंबर- 3
साजिश करनेवालों में दो आरोपियों को संसद के बाहर नारेबाजी करने की जिम्मेदारी दी गई थी. दोनों ने संसद के बाहर स्मोक क्रैकर भी छोड़ा. दरअसल, ऐसा करना सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा था.
प्लान नंबर- 4
अब जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक इस साजिश का चौथा हिस्सा सबसे खतरनाक था. आरोपियों ने फायरप्रूफ GEL लगाकर संसद भवन में आत्मदाह की प्लानिंग तैयारी कर रखी थी, लेकिन GEL की ऑनलाइन पेमेंट नहीं होने की वजह उन्हें इस प्लान को छोड़ना पड़ा.
प्लान नंबर- 5
आरोपियों की मंशा सदन में पर्चा फेंकने की भी थी. ताकि ऐसा करके वो देश के सामने खुद को साजिशकर्ता के बजाए क्रांतिकारी के तौर पेश कर पाएं, लेकिन वो इसमें नाकाम रहे…
ललित झा के बाद नीलम की तरफ घूमी जांच की रडार
पुलिस संसद में सेंध की साजिश के पूर्जे-पूर्जे की तहकीकात कर रही है. मास्टरमाइंड कहे जा रहे ललित झा की जुबानी कई खुलासे भी हो चुके हैं. अब जांच की रडार आरोपी नीलम आजाद की तरफ घूम गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम नीलम को लेकर किसी ऐसे लोकेशन पर निकल चुकी है, जहां से साजिश के दूसरे तार जोड़े जा सकते हैं. नीलम हरियाणा में जिंद के घसो खुर्द गांव की रहने वाली है. नीलम काफी पढ़ी-लिखी है, उसने एम फिल किया है. NET क्वालिफाइड है और सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है.
पुलिस को मिली महेश कुमावत की रिमांड
साजिश की जांच के लिए पुलिस को एक और आरोपी महेश कुमावत की भी रिमांड मिल गई है. पुलिस ने अदालत में बताया कि महेश आरोपियों के मोबाइल फोन नष्ट करने में शामिल था और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा था. महेश कुमावत राजस्थान का रहने वाला है. पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर के सामने सरकारी वकील ने कहा कि कुमावत मोबाइल फोन को नष्ट करने में शामिल था और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा था.
घटना की जांच के बीच सियासत भी शुरू
दिल्ली पुलिस के अलावा संसद में सेंधमारी की संसदीय जांच भी शुरू हो गई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. लेकिन, उन्होंने 13 दिसंबर की घटना को 13 सांसदों के निलंबन से जोड़कर नहीं देखने को कहा है. एक तरफ तफ्तीश जारी है तो दूसरी ओर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद राहुल ने तो आरोपियों की साजिश को बेरोजगारी और महंगाई से जोड़ दिया है. राहुल गांधी के बयान को सुनकर बीजेपी बिफर उठी है. पार्टी ने साजिश के पीछे बेरोजगारी वाली दलील पर पलटवार किया है. बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी आपको क्या हो गया है? आप तीन चुनाव हार चुके हैं और उस घटना पर ऐसे तर्क दे रहे हैं, जिसका एक ही मकसद था, संसद को आतंकित करना.
ये घटना चिंताजनक, गहराई से जांच हो: पीएम मोदी
संसद कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान दिया है और एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि संसद की सुरक्षा में चूक चिंताजनक है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा है कि इस घटना की गहराई से जांच होनी चाहिए. इस घटना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए l
NEWS SOURCE : zeenews
