
फरीदाबाद: स्मार्ट सिटी की पुलिस को आशंका है कि अयोध्या में राम मंदिर उद्धाटन और प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र भेजकर साइबर ठग लोगों का खाता खाली कर सकते हैं। लिहाजा फरीदाबाद पुलिस ने साइबर सुरक्षा संबंधित एक एडवाइजरी जारी की है। आमजन से अपील की गई है कि वह सोशल मीडिया पर आने वाले किसी प्रकार के लिंक आदि पर क्लिक न करें। इससे साइबर ठगी से बचा जा सकेगा।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि राम मंदिर उद्घाटन के तहत काफी संख्या में साइबर ठग भी सक्रिय हो रहे हैं। आशंका है कि वह लोगों को उद्धाटन का निमंत्रण पत्र भेजकर ठगी कर सकते हैं। लोगों व्हाट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर एपीके फायल भेज रहे हैं। उसमें कहा जा रहा है कि राम मंदिर उद्धाटन के लिए वीआईपी पास प्राप्त करें। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार भेजे जा रहे एपीके फायल एक मैलवेयर है, जिसपर क्लिक करते ही लोगों के मोबाइल फोन, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जालसाज रिमोट पर लेकर ठगी कर सकते हैं। डाटा चुराने के साथ उगाही आदि कर सकते हैं। लिहाजा पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य ने लोग इस तरह के मैसेज पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि भेजे जा रहे एपीके फायल पर क्लिक नहीं करें और उसे तुरंत डिलीट कर दें।
टास्क देकर ठगी के बढ़ रहे मामले
फरीदाबाद आयुक्त लोगों से अपील की है कि वह घर बैठे मोटी कमाई आदि मैसेज पर ध्यान नहीं दें। इस तरह के मैसेज पर क्लिक न करें। क्योंकि मौजूदा समय में घर बैठे कम समय में पैसे कमाने के लिए टास्क देकर या जानकार बनाकर पैसे खाते में भेजने संबंधित ठगी लगातार बढ़ रही है।
छह दिन में पकड़े गए 11 जालसाज
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद की पुलिस ने छह दिन में 11 जालसाजों को गिरफ्तार कर ठगी के सात मामलों का खुलासा किया है। ये आरोपी पांच से 11 जनवरी के बीच जगह-जगह से काबू किए गए हैं। इनसे करीब 32 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। साथ ही साइबर थाना सेंट्रल के तीन, साइबर थाना बल्लबगढ़ भी तीन और साइबर थाना एनआईटी ने एक मामले को सुलझाया गया है। साथ ही बीते दिनों में थाना पहुंची करीब 170 शिकायतों का निपटारा करते हुए जालसाजों के बैंक खाते से करीब 40.30 लाख रुपये रिफंड कराए गए। जालसाजों के 617 फ्रॉड सिम कार्ड को भी बंद कराया गया है।
साइबर ठगी होने पर यहां करें संपर्क
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार साइबर अपराध होने पर अपनी शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 या https://cybercrime.gov.in पर दर्ज करवाएं। साइबर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज करके ठगी से प्राप्त की गई राशि वापस आपके बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी जाएगी। यदि कोई भी संस्था साइबर जागरूकता से सम्बंधित प्रोग्राम/प्रशिक्षण करवाना चाहता है तो सहायक पुलिस आयुक्त साइबर के मोबाइल नम्बर 9991252353 पर सम्पर्क करें।
NEWS SOURCE : livehindustan
