
फरीदाबाद : जिले के अरावली इलाके में बने अवैध फार्म हाउस को अगले सप्ताह से तोड़ने की तैयारी है। वन विभाग ने यहां पर 90 फार्म हाउस को तोड़ने की लिस्ट तैयार की है। सुप्रीम कोर्ट ने करीब ढाई साल पहले इन्हें तोड़ने का आदेश दिया था। इस बीच अदालत ने फार्म हाउस मालिकों की बात सुनने के लिए समय दिया था। अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान इन अवैध फार्म हाउसों के नहीं तोड़े जाने पर वन विभाग को फटकार लगाई। वन विभाग ने पहले चरण में करीब 90 अवैध फार्म हाउसों के तोड़ने की तैयारी की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अरावली में अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाए जाने की कार्ययोजना पर वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अरावली में पंजाब भूमि रोकथाम अधिनियम (पीएलपीए)-1900 के तहत जिले में करीब 530 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमणों को चिह्नित किया गया है।
सात सौ से अधिक निर्माण : अरावली में 700 से अधिक अवैध निर्माण हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले अरावली में कुछ अवैध फार्म हाउसों को तोड़ दिया गया था, लेकिन इन्हें फिर से बना दिया गया। मिलीभगत के दम पर कई फार्म हाउसों को पहले से भी शानदार बनाया गया है। अवैध निर्माण ढहाने के आदेश की जद में फार्म हाउस के अलावा फाइव स्टार होटल, धार्मिक शैक्षणिक संस्थान और कुछ आवासीय सोसाइटी भी आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि अरावली वन क्षेत्र से अवैध निर्माण का सफाया किया जाना है, लेकिन मिलीभगत से ऐसा नहीं किया गया।
खोरी, जमाई कॉलोनी में पहले हो चुकी कार्रवाई
अभी तक केवल खोरी, बड़खल, जमाई कॉलोनी आदि से अवैध निर्माण हटाकर करीब 10 हजार लोगों को बेघर किया गया है, जबकि अरावली में अवैध फार्म हाउस और रसूखदारों के निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को चिढ़ा रहे हैं। हालांकि, बीते सप्ताह वन विभाग की टीम जब एक अवैध फार्म हाउस को तोड़ने पहुंची तो वहां कुछ रसूखदारों के विरोध के कारण टीम बैरंग लौट गई थी। अब विभाग ने पुलिस आयुक्त से पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराने की मांग की है। जिला वन संरक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि अवैध निर्माणों में कार्रवाई की जाएगी।
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