
फरीदाबाद : मंगलवार रात मारे गए गैंगस्टर बल्लू पहलवान की हत्या से दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। इस कांड के पीछे पैसों के लेनदेन, कोर्ट में गवाही न देने और गैंग बदलने की वजह सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई के करीबी कपिल सांगवान उर्फ नंदू का हाथ होने की आशंका है। नंदू फिलहाल अमेरिका से नेटवर्क चलाता है।
बल्लू पहलवान पहले नंदू का खास था, लेकिन फिलहाल उसकी नजदीकी तिहाड़ जेल में बंद मंजीत महाल से हो गई थी। इतना ही नहीं, उसने नंदू गैंग को पैसा देना भी बंद कर दिया था। इसके चलते वह नंदू और गिरोह के कई लोगों के निशाने पर आ गया था। फिलहाल फरीदाबाद पुलिस जेल में बंद मंजीत और नंदू गिरोह के कई बदमाशों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
गवाही देने के लिए नहीं जा रहा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2014 में नंदू के जीजा सुनील डॉक्टर की हत्या बल्लू के ऑफिस में मंजीत महाल ने करवाई थी। हत्या के दौरान बल्लू मौके पर ही मौजूद था और एकमात्र गवाह था। कोर्ट में बल्लू को गवाही देनी थी, लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हो रहा था। सूत्रों ने बताया कि बल्लू गवाही से पीछे हट गया था और उसने मंजीत माहल के खिलाफ गवाही देने से मना कर दिया था। जिसके चलते नंदू उससे नाराज था।
आठ माह पहले जेल से बाहर आया था
बल्लू करीब आठ माह पहले ही जेल से बाहर आया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जेल में रहने के दौरान बल्लू की मुलाकात मंजीत से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली पुलिस ने बल्लू को दो साल के लिए तड़ीपार कर दिया था, लेकिन बल्लू मंजीत गिरोह के लोगों के संपर्क में था। इसकी जानकारी कपिल गिरोह के लोगों को भी थी। इसके चलते हत्या की गई। फिलहाल पुलिस दोनों शूटरों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
दोनों शूटरों की तलाश
पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया आरोपियों ने बल्लू की पूरी रेकी की होगी। बल्लू कहां-कहां जाता है, पूरी जानकारी जुटाई गई होगी। आशंका है कि आरोपी बल्लू की वाइएमसीए स्थित उसके घर से ही पीछा कर रहा होगा। साथ ही सही समय पाकर उसपर हमला किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों शूटर किसी दूसरे शहर से आए होंगे। पुलिस शूटरों की तलाश में दिल्ली-एनसीआर के थानों से भी संपर्क साध रही है।
बहन के घर रह रहा था
पुलिस शिकायत में बल्लू की पत्नी रज्जो देवी ने बताया कि वह घरेलू कार्य करती है। मंगलवार सुबह ही वह अपने पति बल्लू से मिलने दिल्ली के नजफगढ़ से फरीदाबाद आई थी। बल्लू शहर में अपनी बहन के यहां करीब छह महीने से रह रहा था। फरीदाबाद में रहने के दौरान उसका पति रोजाना सेक्टर-11 स्थित एक जिम में जाता था।
शव से 25 गोलियां निकलीं
बुधवार दोपहर बल्लू के शव का पोस्टमार्टम किया गया। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को उसके शरीर पर 18 से अधिक छेद मिले हैं। उसमें से डॉक्टरों ने करीब 25 गोलियां बाहर निकाली हैं। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे बल्लू की सेक्टर-11 स्थित एक जिम के बाहर दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने महज आठ सेकेंड में करीब 25 राउंड फायर किए। इसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बल्लू वारदात से करीब एक-डेढ़ घंटे पहले जिम में गया था। जैसे ही वह जिम से बाहर निकलकर सामने पार्क अपनी बुलेट बाइक पर बैठा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी।
चुनाव लड़ना चाहता था
बल्लू नजफगढ़ स्थित नगली वार्ड नंबर 34-एस से निगम पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुका था। उसने एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी से टिकट की मांग की थी। इसके लिए बकायदा उसने अपने संबंधित क्षेत्र में कई बार रैली भी निकाली थी। सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार संबंधित उसके कई फोटो-वीडियो अपलोड हैं। उसने साल-2021 में आयोजित किसान आंदोलन में भी भाग लिया था। वह फोटो भी उसने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए थे।
गैंगस्टर पर दिल्ली में दस मामले दर्ज
नंदू के लिए बल्लू फाइनेंस का काम देखता था। छावला थाने में उस पर 10 मामले दर्ज हैं। इसमें रंगदारी, अपहरण, प्लॉट का कब्जा करने और हत्या के प्रयास शामिल हैं। बल्लू वसूली करने के साथ ही प्रापॅर्टी पर कब्जा करने से मिलने वाले पैसे को गिरोह के लिए इस्तेमाल करता था। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों बल्लू के कहने पर कई प्रॉपर्टी पर कब्जा किया गया था।
अपराध शाखा के एसीपी अमन यादव ने कहा, ‘अपराध शाखा की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। उनके आवागमन को जानने के लिए सेक्टर-11 और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है। जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’
NEWS SOURCE : livehindustan
