
Loksabha Election 2024: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर हमला बोला. साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के 370 सीटें जीतने का टारगेट भी तय कर दिया है. पीएम मोदी ने संदेश देने की कोशिश की है कि केंद्र में बीजेपी का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए क्या वाकई में बीजपी ने कोई ब्लूप्रिंट तैयार किया है या यह महज एक नारा भर है. वजह कुछ भी हो लेकिन बीजेपी 370 सीटों के आंकड़े को कैस छू सकती है, आइए जानते हैं.
पीएम मोदी ने संसद में कहा, ”अब हमारी सरकार का तीसरा कार्यकाल भी दूर नहीं है. मैं देख रहा हूं कि देश का मिजाज एनडीए को 400 सीटें पार करवाकर रहेगा. लेकिन बीजेपी को 370 सीट अवश्य देगा.”
2019 में बीजेपी ने जीतीं 303 सीट
2019 में एनडीए ने कुल 353 सीटों पर जीत हासिल की थी. सहयोगी दलों को छोड़ दें तो 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी 436 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, इसमें से वह 303 सीटें जीतने में कामयाब हुई. यानी भाजपा को 370 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 67 सीटें और जीतनी होंगी. लेकिन इनकी पूर्ति कहां से की जाएगी ये बड़ा सवाल है. क्या इस बार भाजपा ज्यादा सीटों पर चुनावी ताल ठोकेगी? दक्षिण के राज्यों पर जोर देगी या हारी हुई सीटों पर फोकस किया जाएगा.
नॉर्थ में कायम रखना चाहेगी दबदबा
आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी का उत्तरी राज्यों में दबदबा देखने को मिलता है. इनमें से कई ऐसे हैं जिनकी सभी सीटें बीजेपी की झोली में गईं. इनमें गुजरात की 26, हरियाणा की 10, हिमाचल की 4, उत्तराखंड की 5, दिल्ली की सभी 7 सीटों पर पार्टी ने परचम लहराया था. मध्य प्रदेश की 29 में 28 सीटें जबकि छत्तीसगढ़ की 11 में 9 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में 62 पर और पश्चिम बंगाल की 42 में 18 सीटों जीत दर्ज की.
गठबंधन में भी लहराया परचम
इसके अलावा 2019 में बीजेपी बिहार में जेडीयू से गठबंधन कर चुनाव लड़ी थी. इसमें बीजेपी को 17 सीटें मिली थीं. गठबंधन में राजस्थान की 25 में 24 सीटें जीतीं जबकि एक सहयोगी दल के खाते में गई. यूपी के बाद महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीट हैं. यहां बीजेपी और शिवसेना ने 41 सीटें जीती थीं. बीजेपी 25 सीटों पर लड़ी थी जिसमें उसे 23 पर जीत मिली जबकि अविभाजित शिवसेना ने 18 सीटें जीती थीं. बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 42 में 18 सीटों जीत दर्ज की. इसके अलावा त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश दोनों की दो-दो सीटें भाजपा के पास हैं.
साउथ पर फोकस
उत्तरी राज्यों के मुकाबले दक्षिण भारत के राज्यों में भाजपा का प्रदर्शन फीका नजर आता है. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, लक्षद्वीप में कुल 131 लोकसभा सीटें हैं, 2019 लोकसभा चुनाव में इनमें से 30 सीटें ही भाजपा जीत पाई थी. आंध्र प्रदेश और केरल में पार्टी का खाता भी नहीं खुल पाया. पार्टी का कर्नाटक में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा था. तेलंगाना और तमिलनाडु में बीजेपी को 4 सीटें मिलीं. बीजेपी को अगर उत्तरी राज्यों में सीटों का नुकसान होता है तो इसकी भरपाई पार्टी दक्षिण भारत में बेहतर प्रदर्शन करने पर हैं.
हारी सीटों पर जोर
बीजेपी का जोर उन सीटों पर है, जहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. 199 सीटें ऐसी हैं जिनमें पिछले तीन चुनाव में बीजेपी को अब तक जीत नहीं मिली है. इसके साथ ही 2019 लोकसभा चुनाव में 133 ऐसी सीटें हैं, जिन पर बीजेपी को शिकस्त झेलनी पड़ी. इसके साथ ही 76 सीटें ऐसी हैं जहां पार्टी कमजोर है, यहां उसे पिछले तीन चुनाव में एक बार ही जीत मिली है. बीजेपी चाहेगी कि बीते चुनाव में उसे जिन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है, उन पर जीत हासिल करने के लिए फोकस किया जाए.
राम मंदिर
बीजेपी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के जरिए सियासी एजेंडा सेट कर दिया है. भाजपा सांसद और विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र से लोगों को नए दर्शन के लिए अयोध्या ले जाएंगे. इन कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेगी. जिसका फायदा उसे चुनाव में मिल सकता है.
NEWS SOURCE : zeenews
