डबल इंजन वाली सरकार का फरमान सड़क पर कुचला जा रहा है प्रवासी गरीब मजदूर किसान और नौजवान

गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब एवं संत एकता आंदोलन परिषद के परम अध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रवासी मजदूर नौजवान गरीब का पलायन अलगाववादियों की साजिश है केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ-साथ संत समाज एवं समाज सुधारकों का विशेष उत्तर दायित्व बनता है कि प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहारो के खिलाफ अपनी आवाज को सरकार तक पहुंचाएं मठ मंदिर मस्जिद गौ माता गंगा माता सांड पिता होने की थोथी परंपरा के अलावा मानवता की रक्षा एवं इंसाफ के लिए विचार करें इंसानियत का गला घोंटा जा रहा है “अतिथि देवो भवः” की प्राचीन परंपरा जो कि भारतीय संस्कृति सभ्यता परंपरा में जल पिलाना भोजन कराना साक्षात ईश्वर की सेवा है या कहें नर सेवा ही नारायण सेवा है फिर क्यों सरकारे धर्म समाज के ठेकेदार खामोश हैं उत्तर प्रदेश सरकार का फरमान मात्र दिखावा है

 

प्रदेश सरकार को चाहिए कि प्रवासी मजदूरों के लिए सरकारी बस सेवा तत्काल चालू कर प्राइवेट ट्रक गाड़ियों को मजदूरों के लिए लगाएं यह जो गत दिनों मीडिया के प्रसारण के माध्यम से देखने को मिला है कि ट्रक ड्राइवर 3000 रुपये से 5000 रुपये लेकर ट्रकों में गरीब मजदूरों को ठोस कर ले जाने का काम कर रहे हैं राज्य सरकार एव प्रशासन तत्काल प्रभाव से उनका परमिट रद्द करें, जब मीडिया कर्मी इन चीजों को भाप सकते हैं तो जाहिर सी बात है कि पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे यह सब कार्य संभवतः हो रहा होगा, सरकार के ढीले रवैए के कारण सरकार के दलाल उनके चहेते लोग प्रवासी गरीब मजदूरों की मजबूरी लाचारी बेबसी का लाभ उठा रहे हैं एवं उनका खून चूसने का काम कर रहे हैं परिणाम स्वरूप राज्यों की तमाम सड़कें खून से रंगी पड़ी है

 

सरकार अपनी राज्य की सीमा पर एवं जिला सीमाओं पर मार्गों में पुलिस से लाठियां मरवा रही है जैसा कि आपको झांसी,हापुड़,अमरोहा,कानपुर,एवं बरेली,रामपुर अन्य जगह देखने को मिलेगा एवं कठोर आदेश जारी कर रही है कि सड़क पर कोई गरीब प्रवासी दिखना नहीं चाहिए ऐसे में गरीब प्रवासी मजदूरों का क्या कसूर है?

 

देश के विभिन्न राज्यों से लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की स्थिति अत्यंत दयनीय है राज्य सरकार का रिमोट कंट्रोल केंद्र सरकार ने थामा हुआ है जबकि इन विकट परिस्थितियों में राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को विशेष छूट एवं फंड दे कर काम करने की स्वतंत्रता देनी चाहिए थी यह उचित समय पर ना होने के कारण देश एवं किसान प्रवासी गरीब मजदूरों को विकट परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है एवं तुगलकी फरमान के कारण अपनी जान मान सम्मान तक को गवा कर चुकाना पड़ रहा है केंद्र एवं राज्य सरकार सकारात्मक सोच बनाकर सहयोगात्मक रवैया अपनाएं तभी जाकर हम करोना संक्रमण महामारी के संकट की घड़ी में भारतीय अर्थव्यवस्था जलवायु एवं सामाजिक ताना-बाना को सुरक्षित रख सकेंगे नहीं तो फल स्वरूप भविष्य में जलवायु एवं औद्योगिक परिस्थितियां दयनीय एवं बद से बदतर होती जाएंगी जोकि संभाले नहीं संभलेंगी,

 

कर्ज पर कर्ज लेना देना समस्या का हल नहीं है वो कहते हैं “दवा देते रहे दर्द बढ़ता गया” वाली कहावत सरकार लागू कर रही है जो कि इस परिस्थिति पर सटीक बैठती है समस्या बेरोजगारी भूखमरी महंगाई किसान नौजवान की है पर्यावरण जलवायु एवं धर्मांधता कट्टरवाद इंसानो में नफरत फैलाने की है वर्तमान समय मे नेताओ का धर्म हो गया है कुर्सी के लिए सत्ता पाओ सत्ता बचाओ के चक्कर में देश की दयनीय हालत हो रही है ऐसे हालात तो शायद रजवाड़ों के जमाने में देखने को मिलते होंगे सत्ता संघर्ष के इस दौर में देश का किसान प्रवासी मजदूर नौजवान पिस रहा है सरकार का अमीरों से लगाव होने के कारण वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है जिसका प्रमाण विदेशों से सारी सुविधाएं देकर जहाजों से भारतीय मूल के लोगों को लाया जा रहा है

 

और ठीक उसके विपरीत भारत को भारत बनाने में एवं अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में लगे हुए संघर्षरत प्रवासी गरीब मजदूर के लिए रेल,बस एवं खाने-पीने रैन बसेरा कावड़ियों के तर्ज पर मार्ग में आराम करने की व्यवस्था नहीं है सरकार के प्रवक्ता न्यूज़ चैनलों पर बैठकर ज्ञान ध्यान परिस्थितियों की आलोचना कर बहका रहे हैं अपनी गलतियों को स्वीकारना एवं विपक्षी की सकारात्मक, सृजनात्मक, रचनात्मक सोच को स्वीकार करना ही महानता है लेकिन इनको तो हिंदू मुसलमान ऊंच-नीच अमीर गरीब अपना पराया इस राज्य उस राज्य की पड़ी है जैसे कि देखने को मिल रहा है कि देश का नहीं राज्यों का बंटवारा न्यूज़ चैनलों पर बैठकर यह खुद निर्णायक बन कर कर देंगे कुशल नेतृत्व प्रदान करने वाले को खुद ही नायक खुद ही खलनायक दोनों ही नहीं बनना चाहिए सरकार दोहरे मापदंडों एवं डबल इंजन वाली सरकार सर्वत्र असफल है

केंद्र राज्य सरकारों के चाल चलन नीतियों आदेशों के चलते भारत के मठ मठाधीश मंदिर प्रवासी गरीब मजदूरों की हालात पर बंद है खामोश है डबल इंजन वाली सरकार का तुगलकीय फरमान मठ मंदिरों का ताला नहीं खुलेगा भगवान.

 

 महंत कैलाश नाथ हठयोगी

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