अखिल भारतीय संत एकता आंदोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने बयान जारी कर कहा कि प्रवासी गरीब मजदूर एवं उनके बच्चों के साथ हो रही जातियों के लिए मानवाधिकार आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए सभी कर्मचारियों को अधिकार है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन देश समाज संविधान हित में निष्पक्ष भाव से करें किसी के भी साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए और नहीं करने देना चाहिए प्रवासी मजदूरों के साथ जो भी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं या आगे जो उत्पन्न होंगी उसके लिए केंद्र राज्य सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं गलती हमारी नीतियों दिशा-निर्देशों की है भुगतान पुलिस प्रशासन अन्य सरकारी कर्मचारी को करना पड़ रहा है
प्रवासी मजदूरों के लिए अभी भी यदि बस सेवाएं तथा अन्य संसाधन जिला राज्य प्रशासन उपलब्ध करा दें तो समस्या का समाधान हो जाए किंतु बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे इसके लिए ईमानदारी से जिम्मेदारी लेनी होगी परेशान प्रवासी मजदूर भी आक्रोश वश उत्तेजित हो रहे हैं जो कि नहीं होना चाहिए उनकी मानसिक स्थिति इस समय असहज असामान्य है कारण वे भूख व्यास सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा की थकान से परेशान हैं उनके साथ संयम एवं सहानुभूति हमदर्दी पूर्ण व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है उनके साथ बल प्रयोग करना मारना पीटना व्यवहारिक अमानवीय कृत्य एवं मानवाधिकारों का हनन है जो कि अनुचित है उम्मीद करते हैं कि प्रवासी मजदूर और पुलिस प्रशासन ने धैर्य संयम के साथ एक दूसरे को सहयोगात्मक व्यवहार अपनाकर उत्पन्न समस्या का समाधान निदान करेंगे।
आज प्रवासी मजदूरों एवं उनके बच्चों के साथ मानवता पूर्ण रवैया अपनाए पुलिस विभाग के लोग इनके साथ आतंकवादियों अपराधियों जैसा व्यवहार ना अपनाएं प्रवासी मजदूर आपके ही भाई बंधु हैं परेशान है लाचार हैं भूखे प्यासे किस्मत सरकारी नीति हालात के मारे हैं बेचारे और बेरोजगार हैं भूख प्यास सैकड़ों किलोमीटर की थकान से परेशान हैं इन्हें हम सबकी शान होती की आवश्यकता है इनकी जगह अपने आप को रख कर देखें उसी समय समस्या का समाधान हो जाएगा सोच विचार में परिवर्तन आते ही व्यवहार में भी परिवर्तन आएगा समाचार चैनलों के माध्यम से देखने को मिल रहा है कि प्रवासी मजदूरों पर लाठियां बरसाई गई मध्य प्रदेश के रीवा के मजदूर मंदिर के पुजारी को पुलिस वालों ने बुरी तरह से पीटा ऐसा लग रहा है कि कोई बहुत बड़ा आतंकवादी अपराधी पकड़ा गया है आप लोग विचार करें कि जो आदमी सैकड़ों मील पैदल चल कर भूखे प्यासे इस तपती गर्मी में अपने बच्चों के साथ यात्रा कर रहा है उसके हाथ पैर कमर को आप छोड़ दें मजदूर अपनी रोजी रोटी कैसे कम आएगा क्या उसे जीवनभर हम आप शासन-प्रशासन भोजन कराएंगे?
उनके बच्चे जो अगली पीढ़ी है इस देश की उनकी मानसिक स्थिति क्या होगी? भय के नाम पर कानून व्यवस्था के नाम पर आप अपने भाइयों को अपाहिज ना बनाएं वह भी इस देश की धरोहर है जिन्होंने इस देश को बनाया है।
