
मौजूदा मानक कीमतों पर, इसका आशय एक किलोवाट क्षमता वाली प्रणाली के लिए 30,000 रुपये, दो किलोवाट क्षमता वाली प्रणाली के लिए 60,000 रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक वाली प्रणाली के लिए 78,000 रुपये की सब्सिडी से होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में शामिल होने वाले परिवार राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन करेंगे और छत पर सौर ऊर्जा स्थापित करने के लिए एक उपयुक्त विक्रेता का चयन करने में सक्षम होंगे।
राष्ट्रीय पोर्टल स्थापित की जाने वाली प्रणाली के उचित आकार, लाभ की गणना, विक्रेता की रेटिंग आदि के बारे में प्रासंगिक जानकारी प्रदान करके परिवारों को उनकी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में शामिल होने वाले परिवार 3 किलोवाट तक के आवासीय आरटीएस प्रणाली की स्थापना हेतु वर्तमान में लगभग 7 प्रतिशत के गारंटी-मुक्त कम-ब्याज वाले ऋण का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।
इसके जरिए शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाएं भी अपने क्षेत्रों में आरटीएस स्थापनाओं को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रोत्साहनों से लाभान्वित होंगी। इस योजना के माध्यम से शामिल घर बिजली बिल बचाने के साथ-साथ डिस्कॉम को अधिशेष बिजली की बिक्री के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने में सक्षम होंगे। सरकार ने इस योजना की शुरुआत के बाद से जागरूकता बढ़ाने और इच्छुक परिवारों से आवेदन प्राप्त करने हेतु एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के इच्छुक परिवार pmsuryaghar.gov.in/ पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
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