
फरीदाबाद: जिला निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि 18वीं लोकसभा के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवार 95 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकेंगे। भारतीय चुनाव आयोग ने लोकसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा 54 लाख-70 लाख रुपये (राज्यों के आधार पर) से बढ़ाकर 75 लाख से 95 लाख रुपये कर दी है। लोकसभा चुनाव के दौरान समाचारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उम्मीदवारों को मतदान या मतदान के पहले दिन विज्ञापन छपवाने की अनुमति लेनी होगी।
चुनाव प्रचार के दौरान व्यय करने वाली सामग्री की दरें तय कर दी जाएगी।इसमें ऐसा कोई सामान नहीं है, जिसे उम्मीदवार उपयोग करेंगे तो उनका खर्चा उसके खाते में न जोड़ा जाए। प्रत्याशी द्वारा होने वाले सभी का व्यय उसके चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवार चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के खर्च की सीमा तय की है।
जिला निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग की जारी हिदायतों के अनुसार निर्वाचन विभाग की ओर से आयोजित सेक्टर-12 स्थित प्रदशनी सभागार में 18वीं लोकसभा चुनावों में अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर तरीके से चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मीडिया प्रबंधन को लेकर चुनाव आयोग के नियमों के बारे में बताया और कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अच्छे से अपना प्रशिक्षण ले। ताकि चुनाव प्रक्रिया के मौके पर परेशानियां न हो।
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संवेदनशील बूथों पर पर्यवेक्षक होंगे नियुक्त
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील और अति संवेदनशील पोलिंग बूथ पर माइक्रो पर्यवेक्षक भी तैनात किए जाएंगे। जो चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी तमाम जानकारियों की बारीकी से स्थिति का जायजा लेंगे। जिला प्रशासन सी विजिल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल पूर्ण रूप से करेगा। आयोग (ईसीआई) द्वारा विकसित एक मोबाइल एप्लिकेशन है।
NEWS SOURCE : livehindustan
