फरीदाबाद : लाॅकडाउन के चलते जहां सभी संगठन एवं संस्थान जनहित के कार्यों में लगे हुए थे वहीं आज कई संगठनों ने मिलकर सैक्टर-22 मछली मार्किट को हटवाने हेतु अभियान की शुरूआत कर दी। ज्ञात हो की सैक्टर-22 में हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मछली मार्किट है। जहां पर लोग मछली खरीदने हेतु जाते हैं। इस मार्किट को हटाने के लिए पहले भी कई शिकायते हुई हैं और अब एक बार फिर समाजिक संगठन श्री राम गौ रक्षा दल, महिला एवं बाल विकास परिषद्,श्री राम युवा सेना,फरीदाबाद विकास परिषद इत्यादि ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी है। संगठनों का कहना है कि मछली की गंदगी से आसपास के क्षेत्रों में बदबू फैली हुई है तथा आजकल जब विश्व में करोना वायरस जैसी महामारी फैली हुई है ऐसे में भी इस मार्किट में सफाई का कोई प्रबंध नहीं है।
मरी हुई खराब मछलीयों व मांस के टुकड़ों को वहीं फेंक दिया जाता है जिससे वह सड़ कर दुर्गन्ध व बिमारी फैलाती हैं। साथ ही साथ इन संगठनों ने कहा कि यह मीट मार्किट रिहायशी क्षेत्र में बनी हुई है। जिससे जो लोग मांस नहीं खाते हैं उनका इस क्षेत्र से निकलना भी मुश्किल है व मछली मार्किट के पास ही अनेक धार्मिक स्थल बने हुए हैं परन्तु इस दुर्गन्ध के कारण हम लोग पूजा करने भी नहीं जा सकते।फरीदाबाद विकास परिषद् ने उपरोक्त संगठनों के साथ मिलकर के एक कमेटी का गठन किया है जोकि एडवोकेट राकेश शर्मा व वासुदेव आर्य की अध्यक्षता में इस मीट मार्किट को हटवाने के लिए आगे की कार्यवाही करवाने हेतु प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगी व यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मार्किट को नहीं हटवाया तो एडवोकेट राकेश शर्मा की अध्यक्षता में ही यह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगी।
इस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट राकेश शर्मा ने बताया कि करोना वायरस के चलते सभी दुकानदारों के लिए दिशा निर्देश आए हैं लेकिन मछली मार्किट सैक्टर-22 तो लगातार खुली है व यहां सफाई का भी कोई प्रबंध नहीं है न तो दुकानदार मास्क का इस्तेमाल करते हैं व न ही 2 गज के सामाजिक नियम का पालन करते हैं और न ही कोई साफ सफाई के नियमों का पालन करते हैं। ऐसे में यह दुकाने खुले रहने से करोना वायरस जैसी बिमारी के फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। प्रशासन को चाहिए की जल्द ही इस पर संज्ञान लेते हुए उचित कार्यवाही करे और इन दुकानदारों का करोना टेस्ट करवाए व तुरन्त बन्द करवाने का आदेश पारित करे।

