हरियाणा : हरियाणा में विधायक और अधिकारियों के मतभेद पर गृह मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को चेतावनी दी है। अनिल विज ने कहा कि अगर अधिकारियों को नौकरी करनी है तो विधायकों की सुननी होगी। गौरतलब है कि विधायकों में अधिकारियों के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अधिकारी उनकी अनदेखी कर रहे हैं और उनकी नहीं सुनते हैं।
कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान अधिकारियों की ने उनका फोन तक नहीं उठाते। कई विधायकों ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से भी की है। इसके बाद शुक्रवार को हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के बयान से पूरा विवाद और गरमा गया है। विज ने कहा कि अधिकारियों को हरियाणा में नौकरी करनी है तो विधायकों की सुननी पड़ेगी। प्रोटोकॉल में विधायकों का स्थान मुख्य सचिव से ऊपर हैं।
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि विधायकों के प्रति अधिकारियों के उपेक्षा के रवैये को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। अधिकारियों काे अपना रवैया और कार्यशैली में सुधार करना होगा। विज ने साफ कहा कि अगर हरियाणा में अधिकारियों ने नौकरी करनी है तो विधायकों की सुननी पड़ेगी।
विज ने कहा कि अधिकारियों पर सख्ती के और भी बहुत तरीके है। विधायकों में अधिकारियों के प्रति नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर अनिल विज ने कहा कि विधायक यदि मुख्यमंत्री मनोहरलाल इस बारे में बताएंगे तो आवश्यक कार्यवाही होगी। विज ने कहा कि प्रोटोकॉल में विधायक राज्य में मुख्य सचिव से ऊपर है और यह बात अफसरों को बता दि जाए।
इससे पहले विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से अधिकारियों के रवैये के बारे में शिकायत की थी। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दो अलग सत्रों में 10 जिलों के 40 विधायकों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये विधानसभा कमेटियों के गठन से लेकर मानसून सत्र बुलाए जाने की बाबत चर्चा की थी। पहला सत्र दोपहर 12 बजे अंबाला, भिवानी, चरखीदादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम जिला के 20 विधायकों के साथ हुआ। इसमें विधायकों ने लॉकडाउन के दौरान अधिकारियों द्वारा उनके फोन नहीं उठाने का मुद्दा गंभीरता से रखा।
