
Digital Payment at AIIMS: दिल्ली मेट्रो स्मार्ट कार्ड की तरह ही दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भी स्मार्ट कार्ड बनाया जाता है. इसी साल फरवरी 2024 में इस स्मार्ट कार्ड को अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सहूलियत के लिए शुरू किया गया है. एक बार बनवाने के बाद यह कार्ड 5 साल तक वैध रहता है. साथ ही इस कार्ड को बनवाने पर कोई सर्विस चार्ज भी नहीं लिया जाता है. आइए जानते हैं इस कार्ड से एम्स में किन सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है.
पीआईसी मीडिया सेल इंचार्ज डॉ. रीमा दादा बताती हैं कि सभी लोगों को डिजिटल भुगतान की सुविधा और पारदर्शिता के लिए एम्स नई दिल्ली ने एम्स कैफेटेरिया सहित विभिन्न अंतिम बिंदुओं पर डिजिटल भुगतान अनिवार्य कर दिया है. डिजिटल पेमेंट कई तरीकों जैसे यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से किया जा सकता है. वहीं जिन लोगों के पास ऑनलाइन पेमेंट की इनमें से कोई सुविधा नहीं है और सिर्फ कैश है, वे एम्स के काउंटरों पर कैश देकर स्मार्ट कार्ड बनवा सकते हैं और कैफेटेरिया में इस कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं.
डॉ. दादा ने बताया कि यह स्मार्ट कार्ड फरवरी 2024 में लॉन्च किया गया था. एम्स स्मार्ट कार्ड, मरीजों और उनके परिचारकों को एम्स नई दिल्ली में डिजिटल भुगतान सुविधाओं तक पहुंचने का अधिकार देता है, भले ही वे अपने साथ केवल नकदी ले जा रहे हों. एम्स स्मार्ट कार्ड को एम्स, नई दिल्ली के सुविधा केंद्रों से नकद या डिजिटल भुगतान मोड के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है और उसके बाद विभिन्न काउंटरों पर भुगतान के लिए उपयोग किया जा सकता है.
बता दें कि हाल ही में एम्स के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास की ओर से 100 फीसदी डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद कैफेटेरिया में सिर्फ ऑनलाइन या स्मार्ट कार्ड भुगतान का आदेश जारी किया गया है. यहां पर नकद पेमेंट को बैन कर दिया गया है. हालांकि जो मरीज सिर्फ कैश लेकर अस्पताल आते हैं उनके लिए स्मार्ट कार्ड की सुविधा उपलब्ध है. वे बिना कोई एक्सट्रा चार्ज दिए इसका लाभ उठा सकते हैं.
NEWS SOURCE : news18
