दरअसल, पूरा मामला सिंचाई विभाग के माताटीला खंड का है. यहां सिंचाई खंड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर तैनात संतोष कुमार की कैंसर की वजह से 6 फरवरी को मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद उनकी जगह नौकरी की मांग लेकर तालबेहट निवासी क्रांति वंशकार पहुंचीं. क्रांति वंशकार ने संतोष के मृत्यु प्रमाण पत्र समेत वारिसयान समेत अन्य दस्तावेज अफसरों को सौंपे. उसके कुछ दिन बाद भोपाल की रहने वाली सुनीता वर्मा भी कार्यालय आ धमक पड़ी. सुनीता ने भी खुद को संतोष की पत्नी बताया और नौकरी देने की गुहार लगाई. अफसरों ने जब कागजात मांगे तब सुनीता ने भी शादी के कार्ड, फोटो व अन्य दस्तावेज सौंप दिए.
तीसरी भी कार्लायल पहुंची तो उड़े होश
बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं के कागजात देख अफसरों के होश उड़ गए. इधर, पहले पहुंची दो महिलाओं के कागजातों की छानबीन चल ही रही थी. उधर, इसी बीच तालबेहट की रहने वाली राजो भी माताटीला कार्यालय आ पहुंची. राजो ने भी खुद को संतोष की पत्नी बताया और अब वे नौकरी पाने का दावा कर रही हैं कि उन्हें पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिलनी चाहिए.
चकरा गए अफसर
फिलहाल मामला सिंचाई विभाग के अफसरों के लिए बड़ा पेंचीदा हो गया है. एक कर्मचारी के तीन पत्नियां होने के दावे से सरकारी मुलाजिम के सिर चकरा गए हैं. हालांकि अफसर मामले की छानबीन में जुटे हुए हैं.
NEWS SOURCE : lalluram