भीषण गर्मी के 44 डिग्री तापमान में आग के ढेरों के बीच बैठने की कोई आम आदमी सोच भी नहीं सकता है लेकिन धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के गांव बिजड़पुर में हजरत पीर मौला बक्श की दरगाह और साथ स्थित दुर्गा स्वरूपा माता लाडो रानी के दरबार के गद्दीनसीन बाबा राजेन्द्र राठी पिछले 16 वर्षों से दो महीनों की भीषण गर्मी में आग के ढेरों के बीच अग्नि तपस्या कर रहे हैं।
आजकल तोबाबा राजेन्द्र राठीजनकल्याण एवं कोरोना से मुक्ति के लिए आग के बीच कठोर तप कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी इस कड़े तप को कर रही है। बाबा राजेन्द्र राठी से इस भीषण गर्मी के बीच आग में बैठने के साहस बारे पुछा तो उन्होंने बताया कि यह तपस्या केवल वे जनकल्याण के लिए कर रहे हैं। वह 44-45 डिग्री तापमान में जनकल्याण के लिए हरवर्ष अग्नि तपस्या करते हैं।
बाबा राठी ने बताया कि कोरोना संक्रमण में दरबार की ओर से सहयोग सवर्णो गरीबों और असहाय लोगों को अन्न तथा राशन वितरित किया। इसी के साथ कोरोना प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी के माध्यम से प्रधानमन्त्री राहत कोष में 51-51 हजार रूपये के चैक दिए।
उन्होंने कहाकि ऐसी कामना है कि सभी लोगों को फिर से सुख के दिन मिलें। गौ माता की बेकद्री हो रही है और पाप भी अपनी चरम सीमा पर है। यही कारण है कि कोरोना जैसी महामारी आई है। मंदिर मस्जिद में जाने से पहले अपने माँ पिता की पूजा अवश्य करें।उन्होंने कहाकि कुछ लोग सवाल करते हैं कि भगवान कहां है तो उनका जवाब होता है कि तपस्या करने से ही भगवान का अहसास होता है। भगवान तो अपने चाहने वालों को इस तपती आग में भी ठंडी हवाओं का अहसास करवाते हैं।
बाबा राजेन्द्र राठी ने कहाकि वे अपने तप में भगवान से कामना करते हैं कि सभी की जायज दुआएं कबूल हों और जायज कार्य हों।

