Self Add

Hathras Stampede: सुनकर उड़ जाएंगे होश, ‘भोले बाबा’ की इस केतली में छिपे हैं कई राज!

IMAGES SOURCE : GOOGLE

Hathras Stampede: यूपी के हाथरस में (2 जुलाई) को भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी, इस हादसे में करीब 122 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. वहीं, बाबा के आश्रम में छिपी चाय केतली में कई राज छिपे हुए हैं. इस पर एबीपी न्यूज ने कई बड़े खुलासे किए हैं. जिसे भक्त अमृत प्रसाद के तौर पर गृहण करते हैं.

ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, संभल में बाबा नारायण साकार हरि के आश्रम में मौजूद सफेद रंग की चाय की केतली का बर्तन की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल, भक्त इसे बाबा की कथित चमत्कारी केतली कहते हैं, जिससे अमृत प्रसाद निकलता है. बता दें कि, ये वो केतली है जिसके भीतर मौजूद पे पदार्थ को बाबा के भक्त बेहद अलौकिक शक्तियों से परिपूर्ण मानते हैं.

चाय पीने से सभी तरह के रोग होते हैं दूर- सेवादार

वहीं, आश्रम में मौजूद सेवादार का मानना है कि ये वो काली चाय जिसके आगे मेडिकल साइंस भी फेल हैं. जहां आश्रम के सेवादारों ने बताया कि इस चाय को पीने से बड़े से बड़े रोग ठीक हो जाते हैं. वहीं, आश्रम में आने वाले भक्तों का कहना है कि इस चाय को पीने से सभी बीमारी दूर हो जाती है, चाहे टीवी हो या फिर खांसी. यह बाबा की विशेष काली चाय है, जिसे भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है. लेकिन भोले बाबा के भक्तों के लिए यह काली चाय अमृत प्रसाद है.

चमत्कारी चाय विशेष चूल्हे पर होती है तैयार

जब एबीपी न्यूज की टीम मंगलवार के दिन संभल में बाबा के आश्रम पहुंची तो वहां पर गिने चुने लोग ही मौजूद थे, मगर, इनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई है. यहां पर जो भक्तों को चाय मिलती है. इसे एक तरह का गिलोय और नींबू का रस कह सकते हैं. आश्रम में बाबा के जो भक्त आते हैं उन्हें बाबा काली चाय पिलाते हैं और उससे दुख दूर हो जाते हैं. वहीं,  बाबा के आश्रम की कथित चमत्कारी चाय भी विशेष चूल्हे पर ही तैयार होती है.

बाबा की चमत्कारी चाय कैसे बनती?

आश्रम के सेवादार ही इस चाय को भक्तों के लिए बनाते हैं. इसमें कई चीजें पड़ी हुई है, जैसे लौंग, काली मिर्च, दालचीनी और पपरे तेपल के पत्ते अदरक नींबू, काला नमक, गिलोय, चाय की पत्ती, तुलसी डालकर बनाई जाती है. इस चाय में दूध नहीं पड़ता है. भक्त इस काली चाय को अमृत रस कहते हैं. हालांकि, यहां पर चाय खासतौर पर सेवादारों और अनुयायियों को पिलाई जाती है.

NEWS SOURCE : abplive

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
kartea