दोनों लॉकअप में बंद थे. इस घटना से थाने में हड़कंप मच गया. वहीं, SP ने मामले का संज्ञान लेते हुए संतरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिया. यही नहीं संतरी के साथ थाने में तैनात दीवान को भी निलंबित कर दिया. पुलिस की कैद से फरार हुए दोनों चोरों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं. आरोपियों की पहचान बच्चन रजक, छोटू उर्फ काली और धर्मेंद्र खंगार के रूप में हुई थी. गिरफ्तारी के बाद तीनों चोरों को उरई थाने के लॉकअप रूम में बंद किया गया था, लेकिन गुरुवार सुबह बच्चन रजक और छोटू उर्फ काली ड्यूटी पर तैनात संतरी कांस्टेबल हरबंत सिंह को चकमा देकर लॉकअप रूम से भाग गए.
संतरी और दीवान निलंबित
मामले की जानकारी एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार को हुई तो ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल हरवंत सिंह के खिलाफ BNS की धारा 262, 261 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया. कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी की तहरीर पर इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. सिपाही हरवंत सिंह और उरई कोतवाली में तैनात दीवान कांस्टेबल जसवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
बीमारी का बहाना बनाकर भागे चोर
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार के मुताबिक, सुबह के समय हवालात में बंद बच्चन रजक ने ड्यूटी पर तैनात संतरी कांस्टेबल हरवंत सिंह से कहा कि उसे बहुत तेज बुखार है, सर्दी लग रही है और घबराहट हो रही है. उसका इलाज कराया जाए. जैसे ही कांस्टेबल हरवंत सिंह ने हवालात का गेट खोला, वैसे ही दोनों कांस्टेबल को धक्का देकर दूसरे वाले गेट को कूदकर भाग गए.
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