अखिल भारतीय सन्त एकता आंदोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब के परमाध्यक्ष महंत कैलाशनाथ हठयोगी ने कहा कि किसी भी शासनकाल में मठ मंदिर तीर्थ स्थान धर्म स्थान पर ताले लगे हुए ऐसी पाबंदी किसी भी शासनकाल में नहीं देखने को मिली जो मोदी शासनकाल में हो रहा है मठ मंदिरों पूजा स्थलों पर सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया के लिए पूजा-पाठ जब तक कीर्तन हवन आदि होता है इस प्रकार की पाबंदी दैत्यों के द्वारा उनके शासन काल में भी कभी नहीं हुई मठ मंदिरों धर्म स्थलों को तोड़फोड़ पर भी सरकार के सलाहकार चाटुकार साधु-संतों धर्माचार्य बाबा योगी जनक खामोश क्यों है? विचारणीय एवं चिंता का विषय है जब शासक का चिंतन आचरण धर्म के विरुद्ध हो जाता है तभी उस देश में देवी आपदा आती हैं एक माह में अनेक ग्रहण लगना, बार बार भूकम्प आना देश समाज प्रजा के हित में नहीं होता है इसके लिए सभी लोग शुद्ध भाव संकल्पित मनोभावों के साथ जब तक हवन आदि कर्म करें जिससे देवी आपदाएं टल सकें एवं सभी को परमात्मा सद्बुद्धि प्रदान करें।
महंत ने राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया है कि आपका विरोधी दल का नेता कार्यकर्ता भी देश हित में सकारात्मक रचनात्मक परामर्श देता है तो सरकार को उसको शहर से स्वीकार कर लेना चाहिए सभी राजनीतिक दलों सरकारों के लिए देश समाज लोग कल्याण सर्वोपरि है किंतु अफसोस यह है की सरकारें और उसमें बैठे लोग या उसको चलाने वाले संस्थाएं अपने विरोधी की अच्छी बातों को भी दरकिनार कर सरकार चलाने का दंभ भर रहे हैं और देशवासियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं जिससे कि सार्वजनिक नुकसान हो रहा है उदाहरण स्वरूप प्रवासी मजदूर किसान नौजवानों की घर वापसी के लिए समय पर रेल गाड़ी चलाने उन्हें सम्मान पूर्वक घर वापस जाने की व्यवस्था आदि है
मान लिया कि सरकार उचित समय पर प्रवासियों को वापस भेजने में कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी लेकिन यदि वे लोग पैदल ही साइकिल ओं बैल गाड़ियों ठेलो अपनी अपनी व्यवस्था आदि से अपने गांव घर के लिए जा ही रहे थे
तो उन्हें रास्ते में जलपान भोजन आदि विश्रामालय कावड़ यात्रियों के तर्ज पर सुव्यवस्था सरकारें तथा जिला प्रशासन सामाजिक धार्मिक संगठन, बाल कल्याण परिषद के लोग उपलब्ध करा देते तो कितना अच्छा होता ऐसा ना करके उन्हें नंगे पैर भूखे प्यासे मरने चलने के लिए मजबूर कर दिया गया उन्हें बिना वजह ही पुलिस की लाठियां खानी पड़ी जोकि अमानवीय व्यवहार है उनके साथ किया गया जो सर्वत्र सर्वदा निंदनीय अक्षम्य अपराध एवं मानवाधिकारों का हनन किया गया जिससे कभी भी इतिहास प्रवासी मजदूर किसान नौजवान भूल नहीं पाएगा महंत ने कहा कि सरकार देश समाज के लोगों की रक्षा सुरक्षा सम्मान शांति सद्भाव विकास कार्यों के लिए बनाई जाती है ना कि देशवासियों को अपमानित प्रताड़ित करने के लिए बनाई जाती है
सरकार को विरोधी दल या कोई व्यक्ति विशेष यदि सकारात्मक रचनात्मक सृजनात्मक भावनात्मक सलाह देता है तो उसे सम्मान पूर्वक स्वीकार कर लेना चाहिए ना कि उसका राजनीतिकरण कर समाज को बरगलाना चाहिए अच्छे और श्रेष्ठ लोकतंत्र की यही पहचान है जिसे हम और आप भारतीय लोकतंत्र कहते हैं
