
Delhi News: सरकार सीनियर सिटिजन को सुविधाएं देने के लिए कई नियम-कायदे और योजनाएं बनाती है. इसके बावजूद कुछ कलियुगी बेटे जन्म देने वाले मां-बाप का बुढ़ापा खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ते. पैरेंट्स की देखभाल न करना और उन पर अत्याचार करना कानूनन गलत है. ऐसा करने पर दोषी को जेल हो सकती है. इसके बावजूद आए दिन सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली खबरें आना बंद नहीं हुई हैं. ताजा मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है, जहां सीनियर सिटिजंस यानी बुजुर्ग नागरिकों के रहने के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और उपेक्षा मुक्त माहौल की आवश्यकता पर बल देते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने 80 वर्षीय एक महिला के बेटे, बहू और पोते-पोतियों को उस घर को खाली करने का निर्देश दिया है, जिसमें वे एक साथ रह रहे थे.
‘साहब बेटा-बहू परेशान करते हैं….’
