गुरु गोरखनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब एवं संयुक्त आंदोलन परिषद के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने बयान जारी कर कहा कि धर्मांधता कट्टरवादी विचारधारा सोच रखने वाले को आश्रय और सम्मान नहीं देना चाहिए इससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता है स्वार्थी राजनीतिक लोगों ने ऐसे लोगों को आश्रय देने के कारण इस प्रकार सोच विचार रखने वालों को समाज में आतंक कट्टरवाद अलगाववाद धर्मांधता का वातावरण फैलाने में सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है
जिससे आपसी भाईचारा खराब होता है वास्तव में धर्मांधता कट्टरवाद ही आतंकवाद की जननी है संपूर्ण विश्व में आतंकवाद का बोलबाला है जिसे प्रत्यक्ष अथवा अपरोक्ष रूप से प्रशासन राजनेताओं कार संरक्षण प्राप्त है जिसे नियंत्रित कर पाना मुश्किल है संपूर्ण विश्व में धर्म आस्था के नाम पर ऐसा वातावरण बन चुका है जिसे संपूर्ण विश्व में मानव समाज प्रभावित हो रहा है महंत ने सभी से आग्रह किया कि धर्मांधता कट्टरवाद अलगाववाद का समर्थन ना करें शांति समृद्धि खुशहाल समाज इससे प्रभावित होता है धर्मांधता कमांड निहित स्वार्थी मानव कभी भी किसी का नहीं हो सकता है जो कटु सत्य है इस बुराई से हम सभी को बचना है क्षणिक सुख के लिए स्वार्थ वश हम लोग ऐसे व्यक्ति का समर्थन सहयोग कर देते हैं जो संपूर्ण देश समाज के लिए कष्ट दाई एवं दुखदाई होता है इसलिए सोच विचार कर ही सहयोग का हाथ फैलाए।
” धर्मो रक्षति रक्षिता “धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं है”
महंत ने कहा कि धर्मांध लोगों ने ही कट्टरवाद को पैदा किया है कट्टरवाद से आतंकवाद का जन्म हुआ है और अलगाववाद भी इसकी कड़ी है जो संपूर्ण समाज के लिए एक चुनौती बन गया है ऐसे लोग चारों तरफ से घिरने के बाद धर्म धर्म स्थानों का आश्रय लेकर अपना बचाव करने का प्रयास करते हैं जो कि जगजाहिर है सबसे बड़ी गलती नहीं स्वार्थी राजनेताओं एवं राजनीतिक दलों व राजनीति में संलिप्त धार्मिक सामाजिक संगठनों एवं संस्थाओं की है जो ऐसे तत्वों को पनाह आसरा देते हैं हम सभी सोच विचार कर चलें एक दूसरे के साथ विचार विमर्श सम्मान देते हुए चलें कुशल नीतियां अपनाएं तभी जाकर देश की एकता अखंडता संविधान की रक्षा मानवता की रक्षा संभव होगी।
