
One Nationa One Election Bill: ‘वन नेशनल-वन इलेक्शन’ यानी ‘एक देश एक चुनाव’ कराने से संबंधित बिल मंगलवार को संसद के निचले सदन में पेश कर दिया गया है. कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने यह बिल लोकसभा में पेश किया है. बिल को लेकर लोकसभा में दो बार वोटिंग हुई. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग और उसके बाद कागज की पर्चियों की गिनती के बाद, 269 सदस्यों के पक्ष में और 198 के विरोध में विधेयक पेश किए गए. यह पहली बार था जब नए संसद भवन में लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. बाद में कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए एक घंटे से अधिक समय के लिए स्थगित कर दी गई.
हालांकि विपक्ष इस बिल के विरोध पर अड़ा हुआ है. बिल पेश होने से पहले ही विपक्षी पार्टियों (कांग्रेस टीएमसी और आदि) ने इस बिल के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया था. विपक्षी पार्टियां इस बोल को संविधान विरोधी बताते हुए कई तरह की बातें कर रही हैं. तो चलिए जानते हैं कि आखिर विपक्ष किन दलीलों की बुनियाद पर इस बिल का विरोध कर रहा है. साथ ही कुछ नेता इस बिल को पहले जेपीसी के पार चर्चा के भेजने की बात कर रहे हैं. जेपीसी से संबंधित बात रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कैबिनेट में चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने इस बिल को जेपीसी के पास भेजने की बात कही थी.
