
फरीदाबाद, मिथलेश मिश्रा : विश्व मोटापा दिवस (वर्ल्ड ओबेसिटी डे) हर साल 4 मार्च को मनाया जाता है। जानकारी देते हुए मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में रोबोटिक मिनिमली इनवेसिव, बैरिएट्रिक एवं जनरल सर्जरी विभाग के एसोसिएट क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी यूनिट-2 डॉ. सचिन मित्तल ने बताया कि सुस्त जीवनशैली और खराब खानपान की वजह से आज मोटापा एक बड़ी समस्या बन गई है। यह ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोग से जुडी गंभीर बिमारियों को भी जन्म देती है। इसलिए शरीर के बढ़ते अनावश्यक वजन और पेट की चर्बी को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। मोटापे की समस्या महिला-पुरुष दोनों में देखी जाती है। आज बच्चे खराब खानपान यानि फ़ास्ट फ़ूड-तले भुने एवं भारी मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा करते हैं दूसरी तरफ उनकी आउटडोर एक्टिविटीज काफी कम हो गई हैं। बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर गेम्स आदि खेलकर बिताते हैं जिसके कारण आजकल बच्चों में भी ओबेसिटी की समस्या ज्यादा सामने आ रही है। रोजाना ओपीडी में हर तीसरे-चौथे मरीज में ओवरवेट की समस्या देखने को मिलती है। गर्भावस्था के बाद हार्मोनल बदलाव के चलते महिलाओं में मोटापे की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। मोटापे की समस्या अनुवांशिक भी होती है। अगर आपका थायरॉयड पर्याप्त थायरॉयड हार्मोन नहीं बना पा रहा है तो पर्याप्त थायरॉयड हार्मोन की अनुपस्थिति में मेटाबॉलिज्म कमजोर हो जाता है और इस कारण वजन तेजी से बढ़ता है। इसलिए थायरॉयड की जांच भी जरूरी बन जाती है।
सक्रिय जीवनशैली एवं संतुलित आहार की मदद से शरीर के बढ़ते वजन और पेट की अनावश्यक चर्बी को कम किया जा सकता है:
· नियमित व्यायाम करें।
· तले-भुने खाद्य पदार्थों से रहें दूर।
· आहार में प्रोटीन लें।
· रात्रि के भोजन में कम कैलोरी लें।
· नींद पूरी न होने से वजन बढ़ता है इसलिए रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें।
अगर इसके बावजूद पेट के चारों तरफ जमा चर्बी कम नहीं होती है तो इसे दूर करने के लिए सर्जरी की जाती हैं, मेडिकल टर्म में इन्हें बैरिएट्रिक सर्जरी कहा जाता है। सर्जरी होगी या नहीं, यह आपके बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स पर निर्भर करता है। अगर आपके वजन को आपकी लंबाई (मीटर में) से भाग किया जाए, तो आपका बीएमआई रिजल्ट निकल आता है। अगर आपका बीएमआई इंडेक्स 33 से ऊपर आता है, तो ही मोटापे की सर्जरी कराने की सलाह दी जाती है। बीएमआई के 33 पार मतलब मोटापा के खतरनाक स्थिति में होने का संकेत है। अगर डायबिटीज, नींद न आना, बहुत तेज खर्राटे लेना, जॉइंट्स का दर्द, जरा-सा चलने पर सांस उखड़ना, हार्ट प्रॉब्लम जैसी समस्याएं भी होती हैं तो बीएमआई इंडेक्स 30 से नीचे होने पर भी डॉक्टर की सलाह पर सर्जरी के विकल्प को चुना जा सकता है। वजन कम करने के लिए आहार विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकते हैं।
