
पांच महीने तक संभालेंगे सीजेआई का पद
न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची न्यायाधीश केवी विश्वनाथन के बाद सीजेआई का पद संभालेंगे। न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन 25 मई 2031 तक अपनी सेवानिवृत्ति तक भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद संभालेंगे।
केंद्र ने 10 मार्च को दी थी मंजूरी
केंद्र सरकार ने 10 मार्च को न्यायमूर्ति बागची के सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की मंजूरी दी थी। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने 6 मार्च को उनके नाम की सिफारिश की थी। इस कॉलेजियम में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस विक्रम नाथ शामिल थे।
कॉलेजियम ने क्या कहा?
कॉलेजियम ने कहा था कि 18 जुलाई 2013 को न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर के सेवानिवृत्ति के बाद से कलकत्ता हाई कोर्ट का कोई भी न्यायाधीश भारत का प्रधान न्यायाधीश नहीं बना है। जस्टिस बागची को 27 जून 2011 को कलकत्ता हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 4 जनवरी 2021 को उन्हें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था।
कलकत्ता में 13 वर्षों से अधिक तक किया काम
जस्टिस बागची को आठ नवंबर 2021 को कलकत्ता हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया था और तब से वो वहीं कार्यरत थे। हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उन्होंने 13 साल से अधिक समय तक कार्य किया है।
NEWS SOURCE Credit : jagran
