
चंडीगढ़: लोकसभा, विधानसभा और शहरी निकाय चुनाव के बाद हरियाणा भाजपा अब बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। नवंबर 2025 में बिहार में विधानसभा चुनाव हैं।
हरियाणा के सात जिलों में बिहार दिवस मनाने का निर्णय लिया
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बिहार दिवस कार्यक्रमों के लिए समितियों का गठन किया
हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने बिहार दिवस कार्यक्रमों के लिए प्रदेश तथा जिला स्तर पर समितियों का गठन किया है। भाजपा की प्रदेश महामंत्री डा. अर्चना गुप्ता को प्रदेश समिति का संयोजक बनाया गया है, जबकि पवन यादव, राजकुमार कटारिया व वेद पाराशर को सह संयोजक नियुक्त किया गया है।
बिहारी वोटबैंक पर सरकार की नजर
भाजपा हरियाणा की तर्ज पर देश के उन राज्यों में भी बिहार दिवस मना रही है, जहां बिहार मूल के लोग अधिक रहते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान स्वाभाविक रूप से यह लोग मतदान करने अपने राज्य में जाएंगे। ऐसे में मतदान करते समय उनके दिमाग में भाजपा के इस प्रेम और सम्मान की याद रहना संभव है। यमुनानगर जिले के लिए कृष्ण सिंगला संयोजक, सुरेंद्र शर्मा, विपुल गोयल और राजू सह संयोजक बनाए गए, जबकि कुरुक्षेत्र जिले में रवि बतान संयोजक, तिलकराज अग्रवाल, राजीव राय व विकास चौबे सह संयोजक नियुक्त किए गए हैं।
करनाल जिले में मेयर रेणुबाला गुप्ता को मिली जिम्मेदारी
करनाल जिले में मेयर रेणुबाला गुप्ता के पति बृज गुप्ता संयोजक, सुधीर यादव, दीलीप महतो व रामप्रीत यादव सह संयोजक बनाए गए हैं। गुरुग्राम जिले में कमल यादव संयोजक, राघवेंद्र सिंह, रामबीर भाटी व पवन यादव को सह संयोजक बनाया गया है। फरीदाबाद जिले की आयोजन समिति के लिए भाजपा ने राजकुमार वोहरा को संयोजक, विकास सिंह, सुरेंद्र जांगड़ा व पुनीता झा को सह संयोजक नियुक्त किया है। पानीपत जिले के लिए चंदन मिश्रा संयोजक, डॉ. राजीव, सुनील कंसल व दीपक सिंह सह संयोजक तथा सोनीपत जिले के लिए पार्षद निरंजन संयोजक, राज नारायण सिंह, संजय ठेकेदार, शंकर शास्त्री व अभिमन्यु पटेल सह संयोजक बनाए गए हैं।
कार्यक्रमों से सामाजिक समरसता बढ़ेगी- भाजपा
बिहार दिवस कार्यक्रम की राज्य समिति की संयोजक डॉ. अर्चना गुप्ता का कहना है कि मुख्य आयोजन सात जिलों में किए जाएंगे, क्योंकि इन जिलों में बिहार मूल के लोग सबसे अधिक रहते हैं। भाजपा के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों को इन सभी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कहा गया है। कार्यक्रमों में बिहार की संस्कृति को लोकगीत, नृत्य तथा वहां की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार दिवस कार्यक्रम की खुशियां बांटी जाएंगी। इससे सामाजिक समरसता बढ़ेगी।
