
फरीदाबाद, मिथलेश मिश्रा : जन्मदिन का असली अर्थ केवल मोमबत्तियाँ बुझाना और केक काटना नहीं होता, बल्कि अगर वही दिन किसी जरूरतमंद के जीवन में उम्मीद और मुस्कान भर दे, तो वह दिन प्रेरणा और परिवर्तन का प्रतीक बन जाता है। यही उदाहरण पेश किया विक्टोरा इंडस्ट्रीज के युवा और संवेदनशील निदेशक श्री सतबीर सिंह बांगा ने, जिन्होंने अपना जन्मदिन फरीदाबाद की झुग्गियों में रहने वाले वंचित बच्चों के साथ मनाकर एक मिसाल कायम की।
यह आयोजन विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन की समाजसेवी पहल “बटरफ्लाई प्रोजेक्ट” के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य झुग्गी-बस्ती के बच्चों को शिक्षा, जीवन कौशल और मूलभूत सहारा प्रदान करना है। इस अवसर पर बच्चों के साथ केक काटने काटी गई, जिसके बाद सभी ने मिलकर प्रेम और आनंद के साथ सामूहिक भोज किया। बच्चों को इमरजेंसी लाइट वितरित की गईं ताकि उनके अंधेरे घरों में रोशनी का संचार हो सके। साथ ही, उनके लिए खेल, ड्रॉइंग, नृत्य और अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और मन में उत्साह उमड़ पड़ा। इस अवसर पर विक्टोरा इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर एस. एस. बांगा ने बताया कि, “विक्टोरा परिवार का हर सदस्य अपने खास दिनों को समाजसेवा के साथ जोड़ने की परंपरा निभाता है – चाहे वह पौधारोपण हो, रक्तदान शिविर हो या पुस्तक वितरण।”
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स्वयं श्री सतबीर सिंह बांगा ने कहा, “इन बच्चों के साथ बिताया गया यह दिन मेरे लिए सबसे अनमोल उपहार है। जब जन्मदिन सेवा के रूप में मनाया जाए, तो वह केवल उत्सव नहीं, आत्मिक शांति बन जाता है।” फाउंडेशन की वाइस प्रेसिडेंट दमन बांगा ने बताया कि नीलम फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले बच्चों के लिए लक्ष्यम एनजीओ के साथ मिल कर बटरफ्लाई प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है, जो वर्तमान में लगभग 50 बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने में सक्रिय है। यह आयोजन एक सशक्त संदेश देता है कि अगर व्यक्तिगत खुशी को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाए, तो हर जन्मदिन एक समाज बदलने वाला उत्सव बन सकता l
