
साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक बार फिर एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कलाभवन नवास, जो मलयालम सिनेमा में अपनी जबरदस्त मिमिक्री, शानदार अभिनय और बहुमुखी प्रतिभा के लिए पहचाने जाते थे, अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार शाम को वह केरल के चोट्टानिकारा स्थित एक होटल के कमरे में निर्जीव अवस्था में पाए गए, जिससे इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।
होटल रूम में मृत पाए गए नवास, शूटिंग के सिलसिले में ठहरे थे
कलाभवन नवास इन दिनों एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में चोट्टानिकारा के एक होटल में रुके हुए थे। शुक्रवार को उन्हें होटल से चेक आउट करना था, लेकिन जब वह तय समय तक रिसेप्शन पर नहीं पहुंचे, तो होटल स्टाफ ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा खोला गया, जहां नवास अचेत अवस्था में पाए गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, माना जा रहा है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। हालांकि, अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। पुलिस का कहना है कि नवास के कमरे में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
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कला के हर रंग में माहिर थे कलाभवन नवास
कलाभवन नवास का नाम मलयालम मनोरंजन जगत में एक ऐसे कलाकार के तौर पर लिया जाता है, जिसने एक साथ कई विधाओं में अपनी छाप छोड़ी। मिमिक्री कलाकार के रूप में उन्होंने स्टेज पर जो ऊर्जा दिखाई, वही आत्मा उन्होंने अपनी फिल्मों में भी उतारी। वह अभिनेता के साथ-साथ प्लेबैक सिंगर भी थे।
फिल्मों और टेलीविज़न में शानदार सफर
1995 में आई फिल्म ‘चैतन्यम’ से नवास ने बड़े पर्दे पर कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट मलयालम फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें शामिल हैं:
-जूनियर मैंड्रेक
-चंदामामा
-मिमिक्स एक्शन 500
-वन मैन शो
-मट्टुपेटी मचान
और हाल ही में आई उनकी फिल्म ‘डिटेक्टिव उज्जवलन’ फिल्मों के अलावा, उन्होंने मलयालम टीवी के कई शोज़ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और हास्य से लेकर गंभीर भूमिकाएं निभाईं।
इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर
कलाभवन नवास के अचानक निधन की खबर से पूरी साउथ फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और कई ने उन्हें ‘हास्य का चेहरा’ और ‘मंच का जादूगर’ बताया। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी नवास के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, कलाभवन नवास का जाना सिर्फ मलयालम इंडस्ट्री की क्षति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का नुकसान है।
NEWS SOURCE Credit :punjabkesari
