
नोएडा: सड़क दुघर्टना में घायल व्यक्ति हो या किसी हादसे में चाेटिल मरीज को अब न केवल बहुत जल्दी एक्स-रे मिल जाएगा, बल्कि गर्भवतियों को गर्भस्थ शिशु की एकदम सटीक स्थिति भी पता चल पाएगी। गौतमबुद्धनगर स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एआइ तकनीक से लैस एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा देने जा रहा है। शासन स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) मशीनें लगाने की वार्ता के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है। जनपद के मरीजों के लिए अभी तक चुनिंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही एक्सरे कराने की सुविधा है, जबकि गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल या फिर स्वास्थ्य विभाग के अनुबंधित केंद्रों पर जाना पड़ता है। जिला अस्पताल के रेडियोलाजी विभाग में रोजाना 200-250 मरीज एक्स-रे कराते हैं, जबकि 100 से ज्यादा गर्भवती भी अल्ट्रासाउंड कराती हैं।
सभी काे जांच के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ता है। कई बार मरीजों को एक्सरे या अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भी बीमारी का पता नहीं चल पाता है। इससे न केवल प्रदेश सरकार को राजस्व की हानि होती है, बल्कि मरीज की मुश्किलें भी बढ जाती हैं। अस्पताल का स्टाफ भी जांच करने में व्यस्त रहता है, बावजूद इसके मरीज को सटीक परिणाम नहीं मिलता है। पिछले दिनों मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ नलाइन मीटिंग की थी, जिसमें मरीजों की सुविधा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन लगवाने के लिए कहा गया। सीएमएस डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल और सीएचसी पर एआइ युक्त मशीनें लगवाने की योजना है। शासन स्तर से जल्द ही मशीनों की खरीद एवं अन्य प्रक्रिया पर निर्णय होना है। उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलते ही कार्रवाई तेजी से की जाएगी।
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