फरीदाबाद : अंतरराष्ट्रीय नशा और अवेध व्यापार निषेध दिवस पर : राजीव गांधी स्टडी सर्कल के जिला अध्यक्ष आनन्द राजपूत ने बताया की जेसा की हम सब जानते हैं की नशीली दवाओ से तन और मन दोनो ही प्रभावीत होते है इन दवाओ का बुरा प्रभाव इतना आदिक होता है की इसकी आदत छोड़ने पर भी स्वास्त मे सुधार नही आता है यदि नशीली दवाओं का सेवन होता रहेगा तो एक स्वस्त सुरक्षित और सम्पन देश के निर्माण के सपने को सकार नही कर पायेंगे नशे की आदत के साथ सवास्त मन्दी के खतरे अपराध, हिंसा आतंकवाद और गरीबी जेसी समस्या भी जुडी है इस लिये आज नशा एक विषय व्यापी समस्या बन गया है
वर्ष 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार विषय के लगभग 5% वेस्को ने वर्ष 2000 में कम से कम एक बार नशीली दवाओ का सेवन किया है इससे भी आदिक चिंता की बात यह है की इसमे से 29.5 मिलियन वेस्क नशे के आदी हो गये हैं गांधी जी ने कहा था नशीली दवाएं और मदिरा पान शेतानी आदते है जिससे की लोग नशे के गुलाम हो जाते हैं आज भारत में विसेष कर युवायो मैं नशिलो दवाओ की आदत के बड़ते हुये खतरे को लेकर आदिक चिंता है इस समस्या को दूर करने के लिये हमे एक समूहीक प्रयास करने की आवश्यकता है मैं युवायो समेत समाज के सभी प्रतेक वर्ग से अपील करता हूँ नशली दवाओ से दूर रहे ओर प्रयास करे समाज मे जहा भी लोग नशली पदार्थो का सेवन करते हैं उन्हे सचेत करे ओर जागरुक करे ओर एक निशीत तरीका बनाये की हम जिवन मैं किस तारिके से नशीली दवाओ को रोकने में सफल हो सके ।
