पलवल – उपायुक्त नरेश नरवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने बताया कि जिला में सर्विलांस पर 9 हजार 545 लोग आ चुके है, जिनमें से 7 हजार 440 लोगों का सर्विलांस पूरा हो चुका है और अभी भी 2 हजार 105 लोग सर्विलांस पर है। अभी तक 390 में से 285 लोग ठीक हो कर घर जा चुके है जोकि पूरे जिले के लिए अच्छी खबर है और 23 व्यक्ति आइसोलेशन वार्ड में एडमिट है। आज 180 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। आज तक 9 हजार 477 सैंपल में से 8 हजार 907 की रिपोर्ट नेगेटिव है।
सिविल सर्जन ने बताया कि हमारे पास लगातार दूसरे प्रेदेशों से काफी लोग आ रहे है। उनकी लगातार स्क्रीनिंग जारी है और नागरिक हस्पताल में गर्भवती महिलाओं, आपातकालीन में आने वाले सभी मरीजों की जांच की जा रही है। सिविल सर्जन के अनुसार अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 9 हजार 185 लोगों को साइक्लोजिकल काउंस्लिंग की जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कहीं पर भी भीड़ देखें तो जिम्मेदार नागरिक होने के नाते एक-दुसरे को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक करें।
डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने लोगो से अपील की है कि वे कोरोना के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन का साथ देंगे तो जल्द ही हम इस जंग में जीत पाएंगे। उन्होंने लोगों से कहा कि जब तक जरुरी न हो तब तक घर से न निकले और सोशल डिस्टेंस बनाए रखे तथा मास्क पहनकर ही घर से निकले। अपने आस-पास किसी संदिग्ध मरीज की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर देवें। उन्होंने जनता से अपील की है कि सभी लोग घर से मास्क पहनकर निकले और बार-बार अपने हाथों को 20 सेकंड तक साबुन से धोए व सैनेटाइज करें। सभी अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करें ताकि अगर आपके आस-पास कोई संदिग्ध मरीज हो तो उसका पता एप के अलर्ट के माध्यम से चल जाए।
उन्होंने दुकानदारो से आह्वïान किया है कि वे अपनी दुकानो में ग्राहकों की भीड़ न लगाएं। उनके लिए भी सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करें। उन्होंने कहा की एक अच्छे अभ्यास के रूप में बाहर जाने के लिए एक जैकेट या स्वेट शर्ट रखे, जिसे आप कार्यालय या घर पहुचने के बाद हटा सकते है। हाथ मिलाने, गले मिलने से बचें और समूह लंच आदि के माध्यम से दूसरे के साथ संपर्क सीमित रखें। ऑनलाइन बैठक को प्रोत्साहित करें। इसके अलावा अगर किसी नागरिक को कोई भी कोरोना के मरीज से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर्स-1950, 100, 108, 7027840481, 01275-240022 पर सूचना देवें।
उपायुक्त नरेश नरवाल ने गांव दीघोट हलका के पटवारी डोर सिंह को निलंबित कर दिया है। उपायुक्त ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिरक्षक गुप्तचर विभाग हरियाणा से शिकायत प्राप्त हुई थी कि पटवारी डोर सिंह अपने पास कार्य को करवाने के लिए नीजि व्यक्ति रखता है और अपने मुख्यालय पर हाजिर नहीं रहता है, जिसकी जांच तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा की गई, जांच में पाया गया था कि पटवारी डोर सिंह गांव में नहीं बैठता है जबकि उसे ग्राम सचिवालय दीघोट में एक कमरा अपना कार्य करने के लिए दिया हुआ था। इस लापरवाही के दृष्टिïगत वित्तायुक्त राजस्व विभाग एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा द्वारा पटवारी डोर सिंह को निलंबित करने के आदेश प्राप्त हुए थे।
नागरिक करें अपने मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन
गांव जल्हाका में पैनल अधिवक्ता द्वारा ऑनलाइन जागरूकता अभियान जारी
अधिवक्ता दे रहे हैं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नि:शुल्क कानूनी सेवाओं की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पलवल के तत्वाधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन चंद्रशेखर व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव पीयूष शर्मा के निर्देशन में आज गांव जल्हाका में पैनल अधिवक्ता हंसराज शाण्डिल्य द्वारा ऑनलाइन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कोविड-19 वैश्विक महामारी को ध्यान में रखकर व सरकार द्वारा जारी आदेशों तथा कानूनों का उल्लंघन ना करते हुए सामाजिक दूरी कायम रखकर समाज में हमारे मौलिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता लाना है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिरकण का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत समाज के गरीब व कमजोर तथा जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क कानूनी सेवाएं प्रदान की जाती है और इसी के अंतर्गत लोगों के विवादों को निपटाने के लिए लोक अदालतों व मध्यस्थता केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है तथा हर जिले में विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्रमों को जिले में लागू करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तालुका विधिक सेवा समितियों का भी गठन किया गया है।
यह हैं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नि:शुल्क कानूनी सेवाएं:-
कानूनी कार्यवाहियों में अधिवक्ता व वकील एवं एडवोकेट उपलब्ध कराना। किसी कानूनी कार्यवाही में न्यायालय शुल्क और देय अन्य सभी प्रभार अदा करना। कानूनी कार्यवाही में आदेशों आदि की प्रमाणित प्रतियों को प्राप्त कराना। कानूनी कार्यवाही में अपील और दस्तावेजों का अनुवाद कराना और टाईप सहित फाइल तैयार करना आदि का खर्च भी सरकार अदा करती है।
न मामलों में दी जाती है मुफ्त कानूनी सहायता:-
यदि आप का मुकदमा किसी भी अदालत में लंबित हो या आपको मुकदमा करना हो तो आप सिविल जज व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय तक और फिर किसी ट्रिब्यूनल, राजस्व न्यायालय, सरकार के सभी कार्यालयों और दूसरे निकाय जो अद्र्ध न्यायिक मामलों का निर्वहन करते हैं, कानूनी सेवा ले सकते हैं। मुफ्त कानूनी सेवा सभी दीवानी, अपराधिक, राजस्व तथा प्रशासनिक मुकदमों के लिए दी जाती है।
यह प्राप्त कर सकते हैं नि:शुल्क विधिक सेवाएं:-
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12 में
