ताऊ देवी लाल की विरासत को आगे बढ़ाने में चौधरी अभय सिंह चौटाला की मेहनत सफल हो रही है। इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की रणनीति और अभय चौटाला की जमीन पर की गई बेजोड़ मेहनत की बदौलत इनेलो फिर से मुख्यधारा में आ खड़ी हुई है। इनेलो नेता मीडिया में कह चुके हैं कि 2019 में सरकार इनेलो की बननी थी लेकिन कुछ स्वार्थी लोगों ने इनेलो की सरकार न बने, इसके लिए चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के साथ विश्वाघात किया और पार्टी को तोडऩे में कामयाब हुए। लेकिन अब दशा और दिशा दोनों बदल रही हैं। पिछले एक महीने से लगातार हररोज दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ता इनेलो में शामिल हो रहे हैं।
इस महामारी के संकट के दौरान जहां सरकार व विपक्षी दल के नेता अपने-अपने घरों तक ही सीमित रहे वहीं चौधरी अभय सिंह चौटाला पूरे हरियाणा में जनता के बीच में रहे। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए इनेलो नेता ने प्रदेश के प्रत्येक जिले पर कार्यकर्ता सम्मेलन रखे। इसकी शुरुआत 3 जुलाई को अम्बाला से की व 8 जुलाई को सिरसा में पूरी हुई।
इस दौरान कार्यकर्ता भी जोश से लबालब नजर आए। अभय चौटाला ने जहां भाजपा-जजपा गठबंधन के घोटाले, किसानों से लूट व चिट्टे जैसे बढ़ते नशे के गंभीर मुद्दे लोगों के सामने रखे वहीं विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा को भी आड़े हाथों लेते हुए उनके साढे नौ साल के कार्यकाल के दौरान किसानों की जमीन की हुई लूट को भी सबके सामने रखा। उन्होंने गठबंधन सरकार में हुए शराब घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की।
समाजसेवी व व्यापारी भी शामिल हुए
इस दौरान सबसे अहम् बात रही कि इनेलो में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ौतरी हुई। भाजपा, जजपा, कांग्रेस के अलावा युवा, समाजसेवी, व्यापारी व देश का सबसे मजबूत कहा जाने वाला संगठन आरएसएस को छोडक़र भी लोग इनेलो में शामिल हुए। शामिल होने वालों में प्रमुखत: सोनीपत जिले से भाजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव विकास नरवाल, विश्वभ्रमण फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष व भाजपा पार्टी में सबसे ज्यादा सदस्य बनाने वाले युवा नेता महावीर शर्मा, पानीपत से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणबीर देशवाल, महेंद्रगढ़ से पूर्व जिला प्रधान सतीश यादव व जगदीश यादव ने घरवापसी की।
दादरी से पूर्व चेयरमैन जगबीर सिंह सैकड़ों साथियों के साथ शामिल हुए। जिला नूंह से मार्केट कमेटी चेयरमैन श्रीमती सीमा सिंगला अपने पार्षदों व सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा छोडक़र पार्टी में शामिल हुई। पलवल से प्रतिष्ठित व्यापारी नितिन जैन और पलवल से विस उम्मीदवार रहे सतपाल देशवाल इनेलो में शामिल हुए।
बरोदा उप-चुनाव के बाद गिर जाएगी गठबंधन सरकार
इस दौरान इनेलो नेता ने बरोदा उपचुनाव पर बोलते हुए कहा कि मुकाबला इनेलो और कांग्रेस में है। गठबंधन की तो जमानत भी नहीं बचेगी। बरोदा उपचुनाव के बाद गठबंधन सरकार गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर बंसी लाल की सरकार गिर सकती है तो ये सरकार भी गिरेगी क्योंकि जनता का सरकार से मोह भंग हो गया है।
पीटीआई अध्यापक संघ ने सौंपा मांग पत्र
पहले दिन जब कुरुक्षेत्र पहुंचे तो गठबंधन सरकार द्वारा निकाले गए 1983 पीटीआई अध्यापकों का एक संगठन अभय चौटाला से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा। इनेलो नेता ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा कि वो इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और उनकी आवाज बनकर विधानसभा में ये मुद्दा उठाएंगे। इनेलो नेता ने यह भी कहा कि गठबंधन सरकार मृत पीटीआई अध्यापक के परिवार को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पुन: बहाल करे।
जब भावुक हुए अभय
6 जुलाई को भिवानी दौरे के दौरान एक क्षण ऐसा आया जब अभय चौटाला भावुक हो गए। भिवानी की महिला अध्यक्ष इंदु परमार द्वारा चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की रिहाई के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ है। जब अभय चौटाला हस्ताक्षर करने लगे तो बेहद भावुक हो गए।
कैसा भय जब साथ हो अभय
इनेलो नेता भिवानी में जिला कार्यकर्ताओं की बैठक में जब पहुंचे तो रात हो गई थी। एक मासूम बच्ची अपने फोन से अभय चौटाला के भाषण की वीडियो बना रही थी। भाषण खत्म होने के बाद अभय चौटाला ने उसे अपने पास बुलाया, उसका नाम पूछा और बोले बेटी आप इतनी रात को किसके साथ आई हो, डर नहीं लगता। तो उस मासूम लडक़ी ने तुरंत जवाब देते हुए कहा- ‘कैसा भय, जब साथ हो अभय’। यह सुनते ही अभय चौटाला ने मासूम लडक़ी के सिर पर हाथ रख कर आशीर्वाद दिया।
सोनीपत में शहीद हुए जवानों के घर शोक प्रकट करने पहुंचे
इस दौरान अभय चौटाला सफीदों के गांव बुड्ढाखेड़ा में बदमाशों द्वारा मारे गए शहीद जवान रविंद्र व एसपीओ के घर शोक प्रकट करने पहुंचे। उन्होंने मांग की कि हरियाणा सरकार दोनों परिवारों के घर में एक-एक नौकरी व एक करोड़ रुपए नगद सहायता राशि के रूप में दे।
इस पूरे जिलास्तरीय सम्मेलन के दौरान इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी व प्रकाश भारती की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण रही। जहां प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की भूमिका दूसरे दलों से लोगों को इनेलो में शामिल कराने में रही वहीं इनेलो में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने प्रकाश भारती भी बसपा के कार्यकर्ताओं को शामिल कराने में पूरी तरह सफल रहे।



