भिवानी – आत्मनिर्भर भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐसा विजन है जो देश के प्रत्येक वर्ग व प्रत्येक क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करता है। मई माह में प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए से अधिक के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। घोषणा के डेढ़ महीने में ही इस विचार को धरातल पर लाने के लिए काफी आगे बढ़ा जा चुका है।
यह बात आज भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में यह अभियान न केवल कोविड-19 महामारी संकट से लडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है अपितु एक आधुनिक भारत की पहचान भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत एमएसएमई कल्याण के लिए 16 योजनाएं लागू की गई हैं। गरीबों, श्रमिकों व किसानों के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि वोकल फॉर लोकल एंड मेक इट ग्लोबल का अभियान देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम करेगा। योजना के तहत गरीब कल्याण योजना से देश के गरीब मजदूरों और किसानों की मदद के लिए सरकार ने 1.70 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि महिला जन-धन खाताधारकों के खाते में 500-500 रुपए की तीन किश्तें डाली गई हैं। उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ से अधिक महिलाओं को तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिए गए हैं और दिव्यांगों, विधवाओं व बुजुर्गों को भी 1000 रुपए की अर्थिक सहायता दी गई है।
रीतिक वधवा ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से देश के 80 करोड़ गरीबों व प्रवासी मजदूरों के लिए लॉकडाऊन से राहत देने के लिए जून माह तक मुफ्त राशन का ऐलान किया गया था, लेकिन अब इस योजना को नवंबर माह तक बढ़ा दिया गया है। अब आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 किलो अनाज व एक किलो चना बिल्कुल मुफ्त नवंबर माह तक मिलता रहेगा। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से प्रवासी मजदूरों को काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में रोजगार बढ़ाने के लिए इस योजना में 40 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी राज्य में फसल बेचने की अनुमति देकर किसानों के हित में बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है।
भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि किसानों को लागू मूल्य का कम से कम डेढ़ गुणा न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि देश में बनने वाले उत्पादों को ही बढ़ावा मिले, जिससे हम पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर व विकसित राष्ट्र बन सकें।
