फरीदाबाद : जिले का परीक्षा परिणाम गत वर्ष के मुकाबले इस बार 13 फीसद सुधरा है और इसका बड़ा श्रेय जिला उपायुक्त यशपाल यादव को भी जाता है। जिला उपायुक्त के रूप में जब यशपाल यादव ने गत वर्ष के अंत में पदभार संभाला था, तो उन्हें विगत वर्षों में इसी जिले में एसडीएम के पद पर कार्य करते इस बात का ज्ञान था कि सरकारी स्कूलों का परिणाम दयनीय रहता है। बस उपायुक्त का पद संभालते ही सबसे पहले उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर उठाने के प्रयास शुरू किए।
उपायुक्त ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो पाठ बनवाए। 40 उच्च रैंकिंग अधिकारियों को नियुक्त किया और उनमें से प्रत्येक को 2-2 स्कूल दिए। उपायुक्त ने स्वयं भी दो स्कूल लिए। फिर सभी ने नियमित रूप से इन स्कूलों का दौरा किया। ब्लॉकस्तरीय योजनाएं डिजाइन और क्रियान्वित कराई गईं। स्कूल वार प्रभारी तैनात किए और कक्षा 10 के 200 छात्रों की प्रगति की देखरेख के लिए जिम्मेदार बनाया गया। 600 से अधिक वीडियो लेक्चर्स के सहारे विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान से आसान-तथा-स्कोरिग विषयों को समझाते हुए रिकॉर्ड किए गए।
इन व्याख्यानों का प्रसार शिक्षित हरियाणा यू-ट्यूब प्लेटफॉर्म, एजूसेट, व्हाट्सएप के माध्यम से किया गया और जिले के 54 स्मार्ट-क्लास सक्षम स्कूलों में भी इसका उपयोग किया गया। एनटीपीसी के सहयोग से वंचित वर्गों के योग्य छात्रों को डीसी छात्रवृत्ति प्रदान करने की गई। इस तरह जिला उपायुक्त यशपाल यादव को बोर्ड परीक्षा से पहले बेहतर प्रयासों के लिए मात्र दो महीने मिले और परिणाम सामने है। पांच वर्षों का परीक्षा परिणाम फीसद में
