फरीदाबाद : मार्केट जाने, टहलने या किसी अन्य कार्य से घरों से बाहर निकलने वाली महिलाओं को सावधान होने की जरूरत है। पुलिसकर्मी बनकर महिलाओं से आभूषण ठगने वाले बदमाश एक बार फिर सक्रिय हुए हैं। इन बदमाशों ने बृहस्पतिवार को शहर में अलग-अलग क्षेत्र में तीन वारदातों को अंजाम दिया। तीनों वारदात 10 से 15 मिनट के अंतराल पर हुईं। इससे अनुमान है कि बदमाश एक साथ शहर में घुसे और तीन टोलियों में बंटकर अलग-अलग सेक्टर में चले गए। वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। पुलिस ने तीनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली वारदात
नगर निगम के उपमहापौर मनमनोहन गर्ग के ममेरे भाई सेक्टर-15 निवासी अनिल मित्तल कारोबारी हैं। उनकी धर्मपत्नी अर्चना मित्तल घर के सामने पार्क में टहलने के लिए जा रही थीं। दो मोटरसाइकिलों पर चार युवक पार्क के पास पहले से मौजूद थे। उन्होंने अर्चना मित्तल से कहा कि वे पुलिस वाले हैं। इसके बाद यह कहकर डराया कि अभी-अभी एक महिला को बदमाशों ने चाकू मारकर उसके गहने लूट लिए। उन्होंने अर्चना को हाथ में पहने सोने के कंगन उतारकर छिपाने के लिए कहा। अर्चना ने हाथ में पहने सोने के चार कंगन उतारकर उन्हें दे दिए। उन्होंने एक कागज अर्चना को पकड़ा दिया और कहा इसमें उनके कंगन हैं। घर जाकर जब अर्चना ने कागज खोला तो उसमें नकली कंगन थे। कंगन की कीमत करीब सात लाख रुपये बताई है। दूसरी वारदात
सेक्टर-16 निवासी राज सहेली सुमन के साथ टहलने के लिए निकली थीं। घर से कुछ दूरी पर मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उन्हें रोका और खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्हें भी लूट का डर दिखाकर कंगन अंगूठी बैग में रखने को कहा। इसके बाद कागज में लपेटने के बहाने असली कंगन बदल दिए। घर जाकर जब राज ने कागज खोला तो कागज में नकली कंगन थे। तीसरी वारदात
सेक्टर-28 निवासी कनिका शर्मा शाम को टहलने के लिए घर से बाहर निकली थीं। तभी मोटरसाइकिल सवार चार लड़कों ने उन्हें रोक लिया। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए सोने के कंगन बैग में रखने को कहा। कनिका ने कंगन उतारकर उन्हें दे दिए। एक कागज लपेटकर उन्होंने कनिका को वापस किया। बाद में घर जाकर देखा तो नकली कंगन मिले। कई साल से सक्रिय है ईरानी गिरेाह
पुलिस ने इसे ईरानी गिरोह का नाम दिया है। यह गिरोह फरीदाबाद में कई साल से सक्रिय है। सेक्टर क्षेत्र में अकेली घूम रही बुजुर्ग महिलाएं इनके निशाने पर होती हैं। फरीदाबाद में यह गिरोह सौ के आस-पास वारदातें कर चुका है। इसी साल फरवरी में क्राइम ब्रांच ने ईरानी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार भी किया था। कुछ समय शांत रहने के बाद अचानक इस गिरोह ने वारदातें की हैं। एक बार वारदात करने के बाद यह गिरोह कई महीने उस क्षेत्र में वापस नहीं आता। सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्राइम ब्रांचों को भी इन मामलों की जांच कर बदमाशों का पता लगाने के लिए कहा गया है। हमारी कोशिश है कि जल्द इन मामलों को सुलझा लिया जाएा और इस तरह की वारदातें और ना हों।
-एसीपी धारणा यादव, पीआरओ पुलिस
