नई दिल्ली/फरीदाबाद : फरीदाबाद से गुरुग्राम को जोड़ने वाली मेट्रो रेल का रूट सर्वे एक बार फिर होगा। चौतरफा विरोध के कारण मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने 10 अगस्त तक नए रूट की रिपोर्ट मांगी है। हरियाणा सरकार ने 30.38 किलोमीटर लंबी फरीदाबाद-गुरुग्राम मेट्रो रेल की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को भेज दी है। इस डीपीआर की बाबत विस्तृत जानकारी नगर एवं आयोजना विभाग के प्रधान सचिव अपूर्व कुमार सिंह ने विधानसभा की लोक उपक्रमों संबंधी कमेटी की बैठक में रखी थी। इसके बाद एनआइटी फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने इसके रूट पर आपत्ति जताई थी।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच तीन रूट तय किए थे। इनमें से पहले दो रूट ऐसे थे जो एनआइटी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले प्याली चौक से बड़खल एन्क्लेव होते हुए गुरुग्राम की तरफ जाता था। तीसरा रूट फरीदाबाद के बाटा चौक से अंडरग्राउंड सीधे अरावली गोल्फ कोर्स फिर बड़खल एन्क्लेव (सैनिक कॉलोनी) गुरुग्राम जा रहा था। डीएमआरसी को भेजी डीपीआर में सरकार ने तीसरा रूट तय किया। इस पर पहले दो रूट से एक हजार करोड़ रुपये ज्यादा की लागत आनी है।
फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र में स्थित एनआइटी के विधायक नीरज शर्मा ने यह मुद्दा उठाया कि प्याली चौक बल्लभगढ़, बड़खल और एनआइटी तीन विधानसभा क्षेत्रों के करीब दस लाख लोगों का केंद्र है। ऐसे में मेट्रो यदि इस रूट से जाए तो निश्चित तौर पर इसका फायदा ज्यादा लोगों को होगा। नीरज शर्मा के तर्क पर परिवहन मंत्री और बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर सहमति जताई कि मेट्रो का रूट प्याली चौक से ही तय किया जाए। नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी इस बाबत मंगलवार देर सायं चंडीगढ़ में एक पत्र देकर अपनी मांग रखी। मुख्यमंत्री के आदेश पर अब उनके प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने इस रूट का फिर से सर्वे कराकर 10 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है।
