हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दबंगई के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस के सोशल मीडिया में विशेष अभियान को लॉन्च किया है। इस अभियान का मकसद इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर इत्यादि पर शुरू किए गए ‘एंटी-बुलिंग कैम्पेन’ का मकसद घर, पड़ोस, स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थल पर दबंगई की समस्या को चिह्नित करना और हिंसक व्यवहार को बढ़ावा देने वाली समाज विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगाना है।
प्रवक्ता के अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से किशोरों को लक्षित रहेगा जोकि इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित वर्ग है। डराने-धमकाने की प्रवृत्ति (बुलिंग) पीड़ित के आत्मविश्वास को नष्ट कर देती है, उनके व्यक्तित्व विकास को बाधित करती है, उनकी सामाजिक बुद्धिमता को प्रभावित करती है और उन्हें अवसाद और अन्य बीमारियों की तरफ धकेलती है।
इस अभियान के तहत सोशल मीडिया में इंटरेक्टिव पोस्ट डाली जाएगी और दबंगई के शिकार पीड़ित अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ‘यूथ-एट-रिस्क’ के साथ काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की मदद से दबंगई करने वालों की काउंसलिंग करके इसका फॉलो-अप करेगी। हिंसक और बिगड़ैल किस्म के लोगों के खिलाफ कानून की उपयुक्त धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी।
अभियान का फोकस किशोरों पर होने का कारण प्रवक्ता ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, प्रत्येक वयस्क अपराधी पर कम से कम दो किशोर अपराधी हैं, जो अंतत: घोर अपराधी बन जाते हैं। अभियान किशोरों के लिए घातक अन्य मुद्दों जैसे ड्रग्स, जुआ और शराब की लत, ऑनलाइन धोखाधड़ी और मानव तस्करी को भी कवर करेगा।
