फरीदाबाद : अपनी मांगों के समर्थन में आशा वर्कर उतरी सड़कों पर। जिले भर की तमाम आशा वर्करों ने हड़ताल के दूसरे दिन सिविल अस्पताल के सामने एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद बीके नगर निगम चौक से नीलम चौक तक जुलूस निकाला। गुस्साई आशा वर्करों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने आशा वर्करों को पक्का करो , न्यूनतम वेतन लागू करो, प्रोत्साहन राशि का भुगतान करो के नारे लगाये। हड़ताली कर्मचारियों का नेतृत्व जिला प्रधान हेमलता ने किया जबकि कार्रवाई का संचालन जिला सचिव सुधा पाल कर रही थी। इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर, जिला सचिव लालबाबू शर्मा उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि डायरेक्टर हेल्थ मिशन पंचकूला और स्वास्थ्य मंत्री पर आशा वर्करों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कोविड-19 में सबसे अधिक काम करने वाली आशा वर्करों को किसी भी प्रकार की प्रोत्साहन राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। जबकि आशा वर्करों से आम जनता से बुखार खांसी एवं जुखाम की रिपोर्ट लेकर स्वास्थ्य विभाग को देने इसके अलावा थर्मल स्क्रीनिंग करने हर गली मोहल्ले में जाकर 60 साल से ऊपर के नागरिकों का पूरा विवरण उन्हें कितनी प्रकार की बीमारियां हैं ब्लड प्रेशर, सुगर, हृदय रोग, और किसी प्रकार की मानसिक बीमारी से ग्रस्त तो नहीं है यह सभी प्रकार की जानकारियां लेकर स्वास्थ्य विभाग को देनी अनिवार्य होती हैं।
इसमें बीमार व्यक्ति किस प्रकार की दवाई ले रहा है उसकी भी जानकारी हासिल करनी होती है इसके साथ साथ कोरोना संक्रमित व्यक्ति के गली में कितने घर हैं इसकी भी जानकारी लेकर रिपोर्ट करनी होती है। इतने महत्वपूर्ण काम को पूरा करने वाली आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है जबकि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सभी प्रकार के कर्मचारियों को फिक्स वेतनमान दिए जाते हैं लेकिन आशा वर्करों को केंद्र सरकार के द्वारा दी गई प्रोत्साहन राशियों का भी राज्य सरकार ने भुगतान नहीं किया है। जिसकी वजह से आशा वर्करों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इसलिए सरकार की इस दोहरे मानदंडों को अपनाने के विरोध में आशा वर्कर आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शनकारियों को सुशीला शर्मा, नीलम जोशी, पूजा गुप्ता, अनीता भारद्वाज ने भी संबोधित किया।

