बल्लभगढ़ : गांव जाजरू में तेंदुए देखे जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन्य प्राणी विभाग की टीम ने मंगलवार को भी तलाशी अभियान चलाया। अभी तक तेंदुए हैं या नहीं, इसके भी पुख्ता तौर पर कोई प्रमाण नहीं है। जाजरू के साथ-साथ आसपास के गांवों के ग्रामीण इस असंमजस के चलते खासे परेशान हैं। क्योंकि इन दिनों में सावनी (सावन माह में होने वाली फसल) बढ़ी हुई है। साथ ही तेंदुए किसी पर हमला भी कर सकते हैं।
गांव जाजरू में 21 अगस्त की रात को एनटीपीसी के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए जैसे दो जानवर दिखाई दिए थे। इसके बारे में ग्रामीणों ने पुलिस और वन्य प्राणी विभाग को सूचना दे दी थी। पुलिस और वन्य प्राणी विभाग की टीम ने उस दिन भी काफी तलाश की, लेकिन कोई चिन्ह नहीं मिले। उस दिन टीम वापस चली गई। इसके बाद शनिवार की रात को गांव मलेरना और सागरपुर के बीच जंगल में गांव पियाला के किसी व्यक्ति ने कार के सामने से तेंदुए को निकलते हुए देखा था। उसने गांव सागरपुर और मलेरना के ग्रामीणों को बताया भी था।अब गांव जाजरू की सुशीला नाम की महिला ने अपने मकान के पास तेंदुए देखे।
इस बारे में ग्रामीणों ने फिर से वन्य प्राणी विभाग और पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद फिर से मौके पर सेक्टर-55 थाना पुलिस उपनिरीक्षक रामकुमार वर्मा और वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक चरण सिंह के नेतृत्व में टीम गांव जाजरू पहुंची। गांव के जंगल में और रेलवे ट्रैक के साथ लगती झाड़ियों में तेंदुए की तलाश की गई। चार घंटे के अभियान के दौरान वन्य प्राणी विभाग और पुलिस टीम को न तो कोई पंजों के निशान मिले और न ही तेंदुए दिखाई दिए हैं। हमने तेंदुए की काफी तलाश की, लेकिन न तो कोई निशान मिला है और न ही स्पष्ट रूप से कोई सीसीटीवी कैमरे में फुटेज नजर आ रही है। ये कहा नहीं जा सकता है कि तेंदुए हैं, लेकिन ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
-रामकुमार, उपनिरीक्षक, थाना सेक्टर-55
